2,000 लोग, 1,000 सीटें: मिस्टर बीस्ट के "बीस्ट गेम्स" ऑडिशन की चार चुनौतियाँ

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अवलोकन

वीडियो की शुरुआत में मिस्टर बीस्ट पचास लाख डॉलर के ढेर पर बैठे हैं। दरवाज़ा खुलता है और दो हज़ार प्रतियोगी अंदर आते हैं। ये सभी उनकी दस एपिसोड वाली प्राइम वीडियो सीरीज़ "बीस्ट गेम्स" में जगह पाने के लिए लड़ने आए हैं। मिस्टर बीस्ट इसे "इतिहास में पहले कभी न देखी गई चीज़ की शुरुआत" बताते हैं। नियम सीधा है: वीडियो खत्म होने तक इनमें से एक हज़ार लोग बाहर हो जाएँगे। बाकी आधे लोग सीरीज़ में पहुँचेंगे, और आखिर में उनमें से कोई एक पचास लाख डॉलर लेकर घर जाएगा।

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यह ऑडिशन चार चुनौतियों में बँटा है। पहली ताकत की, दूसरी याददाश्त और किस्मत की, तीसरी रणनीति और हिम्मत की, और चौथी भरोसे और लालच की परीक्षा लेती है।

पहली चुनौती: 400 लोगों की टीम और एक भारी गेंद

पर्दा गिरता है तो प्रतियोगियों के सामने एक विशाल गेंद है। उस पर "दस हज़ार" लिखा देखकर कई लोग चौंक जाते हैं, और एक प्रतियोगी कहता है कि उसे देखकर ही उसके हाथ दुखने लगे। सभी को 400-400 लोगों के पाँच समूहों में बाँटा जाता है। जो समूह अपनी गेंद को सबसे आखिर में ऊपर तक खींच पाएगा, उसके सभी 400 लोग बाहर हो जाएँगे।

टीमें अपनी रणनीति बनाती हैं। एक टीम ताकतवर लोगों को सबसे आगे रखती है। कोई अपनी टीम को "कमर तोड़ने, सपने तोड़ने और हौसले कुचलने" वाली टीम बताता है, तो कोई मान लेता है कि वह इसके लिए तैयार नहीं है। मुकाबला शुरू होते ही हरी टीम बहुत जल्दी गेंद ऊपर पहुँचा देती है। तीन टीमें फिनिश लाइन पार कर लेती हैं और मुकाबला पीली और लाल टीम के बीच रह जाता है। लाल टीम के लोग चिल्लाते हैं कि वे गलत तरीके से खींच रहे हैं और उन्हें पीछे की ओर जाना होगा। आखिर में पीली टीम बच जाती है और लाल टीम बाहर हो जाती है। एक प्रतियोगी कहता है कि उसने खुद से वादा किया था कि वह पहले ही राउंड में बाहर नहीं होगा।

इसके बाद मिस्टर बीस्ट घोषणा करते हैं कि लाल टीम के हर सदस्य को भाग लेने के लिए 2,000 डॉलर मिलेंगे। यही रकम हर उस प्रतियोगी को मिलेगी जो यहाँ आया है। उनके मुताबिक वीडियो को सिर्फ तीन मिनट हुए हैं और 8 लाख डॉलर बाँटे जा चुके हैं। 2,000 प्रतियोगियों के हिसाब से पूरे बीस्ट गेम्स में सिर्फ भाग लेने के लिए 40 लाख डॉलर दिए जा रहे हैं। इसी वजह से कुछ लोग खुद ही घर जाना चुनते हैं। उनमें से एक कहता है कि यह बाहर जाने का सही समय है। नैरेटर इसे समझदारी भरा फैसला मानते हैं, क्योंकि आगे की चुनौतियाँ और कठिन होने वाली हैं। पहली चुनौती के बाद 1,596 खिलाड़ी बचते हैं।

दूसरी चुनौती: अपने ही साथी प्रतिद्वंद्वी बन जाते हैं

दूसरी चुनौती में पेच यह है कि जिन टीमों के लोग अभी साथ मिलकर लड़े थे, अब वे एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। मैदान में ढेरों ब्रीफ़केस रखे हैं। कुछ सुरक्षित हैं और कुछ खिलाड़ी को बाहर कर देंगे। ऊपर की स्क्रीन पर कुछ देर के लिए नक्शा दिखाया जाता है कि कौन से ब्रीफ़केस सुरक्षित हैं। खिलाड़ियों को उनकी जगह याद रखनी है और किसी और से पहले वहाँ पहुँचकर उस पर दावा करना है। हर टीम में 400 लोग हैं और उनमें से 50 को बाहर करने वाला ब्रीफ़केस मिलेगा।

सबसे पहले गुलाबी टीम आती है। लोग नक्शे से पंक्तियाँ और नंबर याद करते हैं ("दूसरी पंक्ति, सात")। फिर दौड़ शुरू होती है और नैरेटर के शब्दों में "लोगों की बाढ़" आ जाती है। एक प्रतियोगी को खुद नहीं पता कि उसका ब्रीफ़केस सुरक्षित है या नहीं। मिस्टर बीस्ट याद दिलाते हैं कि पचास लाख डॉलर जीतने का उसका पूरा मौका इसी पर टिका है। ब्रीफ़केस खुलते हैं: 350 लोग आगे बढ़ते हैं और लाल रंग देखने वाले 50 लोग बाहर हो जाते हैं। बाहर हुई एक खिलाड़ी कहती है कि उसे लगा था वह सुरक्षित है। बाहर होने वालों को 2,000 डॉलर देकर घर भेजा जाता है।

हर टीम के बाद ब्रीफ़केस का क्रम बदल दिया जाता है। नारंगी टीम में कुछ लोग आपस में बँटवारा करते हैं: "तुम लोग पास वाला लो, मैं दूर जाऊँगा।" कोई गिनती गिनकर अपना ब्रीफ़केस तय करता है, तो कोई काँपते हुए प्रार्थना करता है। हरी टीम के लोग भी नक्शे पर नज़रें गड़ाकर बैठते हैं और उसके भी 50 लोग बाहर होते हैं।

आखिरी राउंड के लिए मिस्टर बीस्ट ने एक "खतरनाक" मोड़ बचाकर रखा था। पीली टीम से पहले ही कहा गया था कि हरी टीम का नक्शा ध्यान से देखे, क्योंकि उन्हें भी वही पैटर्न मिलेगा। लेकिन उनके लिए नक्शा सिर्फ कुछ सेकंड के लिए दिखाया जाता है। कुछ लोग इसे नाइंसाफी बताते हैं। नैरेटर के अनुसार इस बार सबकी एक ही रणनीति थी, बस तेज़ी से भागना, और कोई भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं लग रहा था। ब्रीफ़केस खुलते हैं और हरा रंग पाने वाले आगे बढ़ जाते हैं।

इसके बाद प्रतियोगियों को आराम का मौका मिलता है। वे साथ सोते हैं और कहते हैं कि वे साथ मुकाबला करते हैं, साथ सोते हैं और साथ जीतेंगे। कुछ लोग कहते हैं कि वे अपने परिवार के लिए या पैसा जीतने के लिए कुछ भी करेंगे।

तीसरी चुनौती: 1,400 लोग, 1,100 झंडे

अगले दिन 1,400 लोग बचे हैं और ऑडिशन में दो चुनौतियाँ बाकी हैं। तीसरी चुनौती के नियम सरल हैं। मैदान में झंडे लगाए जाएँगे और आगे बढ़ने के लिए एक झंडा पकड़ना होगा। कुल 1,100 झंडे हैं, यानी 300 लोग बाहर होंगे। हर राउंड में अलग-अलग संख्या में झंडे लगाए जाएँगे, जब तक सभी 1,100 झंडे किसी के हाथ न आ जाएँ। शर्त यह है कि जो लाल रेखा पार करेगा, उसे झंडा पकड़ना ही होगा, वरना वह बाहर। राउंड हॉर्न बजने पर शुरू होता है।

पहले राउंड में मैदान पर सिर्फ दस झंडे हैं। मिस्टर बीस्ट कहते हैं कि अगर खुद पर पूरा भरोसा न हो तो पीछे रह जाएँ, बाद में फिर कोशिश कर सकते हैं। कई लोग तय कर लेते हैं कि वे पहले, दूसरे, यहाँ तक कि तीसरे राउंड में भी नहीं जाएँगे। हॉर्न बजता है तो सिर्फ 12 लोग दौड़ते हैं। दो लोग झंडा नंबर 1 के लिए भिड़ जाते हैं। दस झंडे पकड़े जाते हैं और दो लोग बाहर होते हैं। मिस्टर बीस्ट कहते हैं कि लोग उनकी उम्मीद से कहीं ज़्यादा होशियार निकले। उन्हें लगा था कि सैकड़ों लोग दौड़ेंगे।

दूसरे राउंड में 50 झंडे आते हैं। इस बार एक समूह पहले ही आपस में अपने-अपने नंबर तय कर लेता है: "47 मेरा है", "49 मत लेना", "नंबर 24 मेरा है"। नैरेटर कहते हैं कि अगर इनकी सोच आपस में नहीं मिली तो सब हार जाएँगे। इस राउंड में सभी 50 झंडे पकड़े जाते हैं और पाँच लोग बाहर होते हैं। मिस्टर बीस्ट याद दिलाते हैं कि जितना इंतज़ार करोगे, मौके उतने ही कम होंगे। अगले राउंड में उनके अनुमान से करीब आठ लोग बाहर होते हैं। वे पीछे खड़े लोगों से पूछते हैं कि क्या उन्हें लगता है कि आखिर में जाने से मौका बढ़ेगा, और खुद ही कहते हैं कि ऐसा हो नहीं रहा। लाइन में आगे खड़े लोग अपने झंडों के नंबर बोलते हैं, जैसे 307, 274 और 284। नैरेटर बताते हैं कि बचे झंडों की संख्या तेज़ी से गिर रही है, इसलिए झंडा मिलने की संभावना लगातार बदतर हो रही है।

नैरेटर के अनुसार लोगों के इंतज़ार करने की एक वजह यह भी थी कि वे मिलकर काम कर रहे थे। एक समूह बारी-बारी से एक-दूसरे को झंडा लेने दे रहा था। मिस्टर बीस्ट को यह बात समझ नहीं आती। उनका कहना है कि यह एक प्रतियोगिता है, पचास लाख डॉलर दांव पर हैं, आखिरकार आपको एक-दूसरे को धोखा देना होगा, और किसी न किसी को घर जाना ही होगा। राउंड जैसे-जैसे आगे बढ़ते हैं, टकराव बढ़ते जाते हैं। एक प्रतियोगी दौड़ते हुए खुद ही गिर जाती है।

बाद में दिखाया जाता है कि चुनौती की शुरुआत में लाइन कितनी लंबी थी और अब कितनी छोटी रह गई है। 179 लोग बचे हैं और सिर्फ 100 झंडे। मिस्टर बीस्ट 50 और झंडे मँगवाते हैं और कहते हैं कि यहीं से रणनीति काम आएगी: या तो अभी जाओ या आखिरी राउंड में मौका लो। उस राउंड के बाद 115 लोग लाइन में रह जाते हैं। आखिरी 50 झंडे लाए जाते हैं, यानी सिर्फ 50 लोग सुरक्षित होंगे।

कार्ल की चीख: "शायद आज तक की सबसे बड़ी गलती"

आखिरी राउंड से ठीक पहले वह हुआ जिसे मिस्टर बीस्ट "शायद आज तक की सबसे बड़ी गलती" कहते हैं। उन्होंने माइक अपने दोस्त कार्ल को दे दिया। कार्ल ने भीड़ का जोश बढ़ाने के लिए "यो!" चिल्लाया, और कई लोगों ने समझा कि दौड़ने का इशारा हो गया। लोग दौड़ पड़े। कार्ल ज़ोर देकर कहते हैं कि उन्होंने किसी को भागने को नहीं कहा था। नैरेटर याद दिलाते हैं कि पूरी चुनौती में साफ था कि दौड़ना हॉर्न की आवाज़ पर है, कार्ल के चिल्लाने पर नहीं। मिस्टर बीस्ट मज़ाक में राहत जताते हैं कि यह गलती उनसे नहीं हुई। कार्ल की आवाज़ से 31 लोग बाहर हो गए। कार्ल का सवाल था कि लोगों को हॉर्न पर भागना था तो वे उनके चिल्लाने पर क्यों भागे।

इसके बाद असली अंतिम राउंड होता है और झंडा नंबर 1,100 भी पकड़ लिया जाता है। अब 1,100 खिलाड़ी बचे हैं। एक प्रतियोगी कहता है कि उसे यहाँ की घटनाएँ याद रहेंगी, और यह भी कि वह मिस्टर बीस्ट के वीडियो का हिस्सा बनकर इतिहास का हिस्सा बना।

सीरीज़ का पैमाना: मिस्टर बीस्ट के दावे

आखिरी चुनौती से पहले मिस्टर बीस्ट बताते हैं कि जो 1,000 लोग इसे पार करेंगे, वे दस एपिसोड वाली प्राइम वीडियो सीरीज़ में मुकाबला करेंगे। उनके मुताबिक उस शो का हर एपिसोड उनके सबसे बड़े यूट्यूब वीडियो से भी काफी बड़ा है। उन्होंने बताया कि शो के लिए एक पूरा शहर बसाया गया है, एक पूरा आइलैंड इनाम में दिया जा रहा है, और इसमें "मनोरंजन के इतिहास का सबसे बड़ा पुरस्कार" होगा। ये सब उनके अपने दावे हैं, जो उन्होंने प्रतियोगियों के सामने रखे।

चौथी चुनौती: 100 लोगों का समूह और भरोसे की परीक्षा

अंतिम चुनौती में सभी को 100-100 लोगों के समूह बनाने हैं। मिस्टर बीस्ट कहते हैं कि इसका ताकत या गति से कोई लेना-देना नहीं है, यह भरोसे का खेल है। वे पहले ही चेतावनी देते हैं कि चुनौती खत्म होने तक किसी एक समूह का एक सदस्य पूरी टीम को धोखा देगा।

समूह बनाते समय ही शक का माहौल दिखने लगता है। एक प्रतियोगी कहती है कि वह भरोसेमंद लोगों को ढूँढ रही है, पर अनजान लोगों पर भरोसा करना कठिन है। कोई कहता है कि जिसे वह जानता नहीं उसे समूह में नहीं आने देगा। कोई यह सुनकर परेशान है कि किसी ने कहा था वह दस हज़ार डॉलर में बिक जाएगा। दूसरी ओर कई लोग कसम खाते हैं कि वे किसी भी कीमत पर अपनी टीम को धोखा नहीं देंगे।

नियम यह है कि हर समूह एक मंच पर खड़ा है। अगर कोई भी अपने मंच से नीचे उतरा, तो वह और उसका पूरा समूह बाहर हो जाएगा। शुरुआत में समूह नारे लगाते हैं: "हमें पैसा नहीं चाहिए, जिमी!", "रिश्वत नहीं चलेगी!", "हम बिकाऊ नहीं हैं!" मिस्टर बीस्ट कहते हैं कि अभी तक पैसे की बात तो हुई भी नहीं, "पर अब होगी", और पैसा लाने चले जाते हैं। कैमरे के सामने वे मानते हैं कि शूटिंग में वे आमतौर पर नहीं घबराते, पर अभी घबराहट हो रही है। उनके शब्दों में किसी एक व्यक्ति को बहुत सारा पैसा मिलेगा और बाकी 99 लोग बहुत दुखी होंगे, और यह दिल दहला देने वाला होगा।

तीन रिश्वतें: 5,000, 50,000 और दस लाख डॉलर

मिस्टर बीस्ट तीन अलग-अलग रिश्वतें लेकर आते हैं और साफ करते हैं कि अभी इन्हें ऑफ़र नहीं कर रहे, सिर्फ दिखा रहे हैं। पहली 5,000 डॉलर की है। इस पर भीड़ से कोई कहता है कि कोई गाड़ी होती तो बात बनती। दूसरी 50,000 डॉलर की है। तीसरी दस लाख डॉलर की है, जिसे वे अंतिम पुरस्कार का पाँचवाँ हिस्सा बताते हैं।

पहले 5,000 डॉलर का ऑफ़र खुलता है। मिस्टर बीस्ट कहते हैं कि अगर किसी को 5,000 डॉलर के लिए 99 लोगों का सौदा करना है तो कर ले। टाइमर चलता है, पर हर समूह "नहीं!" चिल्लाता है। कोई कहता है कि 5,000 डॉलर कुछ भी नहीं हैं। हर टीम यह ऑफ़र ठुकरा देती है और दस मिनट के टाइमर के बाद यह ऑफ़र खत्म हो जाता है। नैरेटर का निष्कर्ष है कि 1,100 लोगों के इस समूह के लिए धोखे की कीमत साफ तौर पर 5,000 डॉलर से ज़्यादा थी।

लेकिन 50,000 डॉलर की तैयारी होते ही माहौल बदलने लगता है। नैरेटर के अनुसार हर समूह में लोग पैसे के करीब आने और कूदने की कोशिश करने लगे, क्योंकि यहाँ हर कोई अपने दिमाग में एक बड़ी वजह लेकर लड़ रहा है। प्रतियोगी अपनी वजहें बताते हैं:

  • एक माँ अपनी सात महीने की बेटी लेला के लिए यह पैसा जीतना चाहती है।
  • एक प्रतियोगी अपनी कॉलेज की डिग्री पूरी करना चाहती है।
  • एक प्रतियोगी पशु बचाव का काम शुरू करना चाहती है।
  • एक प्रतियोगी अपने पिता के लिए घर खरीदना चाहता है, जो एक विकलांग पूर्व सैनिक हैं।
  • एक प्रतियोगी नया घर खरीदना चाहती है, क्योंकि उसका घर जल गया था।
  • कुछ लोगों ने यहाँ रहने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी है।

नैरेटर कहते हैं कि 5,000 को मना करना आसान था, पर 50,000 डॉलर बड़ी रकम है। नियम यह है कि टाइमर शुरू होने के बाद जो सबसे पहले उतरेगा, उसे 50,000 डॉलर मिलेंगे।

टाइमर से पहले की छलांग

मिस्टर बीस्ट कहते हैं कि उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि यह ऑफ़र इतना लुभावना होगा कि कोई टाइमर शुरू होने से पहले ही कूद जाएगा। पर ठीक यही होता है। प्लेटफ़ॉर्म छह से एक महिला टाइमर चालू होने से पहले ही उतर जाती है। वह पूछती है कि क्या उसे पैसे नहीं मिलेंगे। मिस्टर बीस्ट जवाब देते हैं कि नहीं, क्योंकि टाइमर अभी शुरू ही नहीं हुआ था।

नतीजा दोहरा नुकसान है। उस महिला को कोई पैसा नहीं मिलता, और नियम के मुताबिक उसके समूह के बाकी 99 लोग भी बाहर हो जाते हैं। मिस्टर बीस्ट कहते हैं कि सिर्फ उसके कूदने की वजह से 99 लोगों ने पचास लाख डॉलर का मौका गँवा दिया। वहीं किसी की टिप्पणी है कि कम से कम दस लाख का इंतज़ार तो करना था। उसकी टीम को यकीन नहीं होता कि उनके साथ ऐसा हुआ है। एक सदस्य पूछता है, "उसे पैसे नहीं मिले और हम हार गए?" जवाब मिलता है कि हाँ, वे बाहर हैं, क्योंकि वह उतर गई। दस लाख डॉलर वाली तीसरी रिश्वत वीडियो में कभी ऑफ़र तक नहीं पहुँचती।

अंत: एक हज़ार लोग आगे

इस तरह 1,100 में से एक समूह बाहर होता है और ठीक 1,000 प्रतियोगी बीस्ट गेम्स में पहुँचते हैं। मिस्टर बीस्ट मानते हैं कि यह अंतिम गेम क्रूर था, पर कहते हैं कि इन हज़ार लोगों के सामने आने वाले खेलों की तुलना में यह कुछ भी नहीं है। उनके अनुसार इन लोगों ने अब तक की सबसे बड़ी प्रतियोगिता सीरीज़ में अपनी जगह बना ली है। उनमें से कोई एक पचास लाख डॉलर लेकर घर जाएगा, लेकिन उससे पहले उन्हें बीस्ट गेम्स में मुकाबला करना होगा।