अमेज़न, रेगिस्तान और आर्कटिक में तीन दलों की हेलिकॉप्टर तक की दौड़: 28 घंटे बाद सिर्फ़ 8 मिनट का फ़ासला

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अवलोकन

इस वीडियो में तीन दल दुनिया की तीन बहुत अलग और कठिन जगहों पर एक साथ दौड़ते हैं। एक दल अमेज़न के जंगल में है, दूसरा रेगिस्तान में और तीसरा आर्कटिक में। हर दल को अपने बचाव हेलिकॉप्टर तक पहुँचना है, और जो सबसे पहले पहुँचेगा, वह अपनी माँ के लिए एक लाख डॉलर जीतेगा। जंगल में जिमी, थिया और ज़ैक हैं, रेगिस्तान में तारेक और नोलन, और आर्कटिक में डेरियस और एलिसन। पूरी दौड़ एक ट्रैकिंग ऐप पर दिखती है, जिसमें हर दल की प्रगति प्रतिशत में आती है। इसी ऐप के आँकड़ों से पता चलता है कि दौड़ में कौन कब आगे या पीछे रहा।

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हर इलाके के अपने फ़ायदे और नुकसान

शुरुआत में ही बताया जाता है कि हर दल की मुश्किलें अलग हैं। रेगिस्तान में न छाँव है, न पानी, और गर्मी जानलेवा है। एक प्रतिभागी कहते हैं कि उन्हें लग रहा है जैसे वे तवे पर अंडे की तरह पक रहे हों। इसी वजह से रेगिस्तान दल को बाकी दलों के मुकाबले करीब 16 किलो ज़्यादा पानी उठाना पड़ रहा है।

अमेज़न में गर्मी भी है और चढ़ाई भी। जिमी उन चीज़ों की एक सूची पढ़ते हैं जो वहाँ जान ले सकती हैं: रैटलस्नेक, भटकने वाली मकड़ियाँ, जैगुआर, बीमारी फैलाने वाले चमगादड़, बुलेट चींटियाँ, एनाकोंडा, अचानक आने वाली बाढ़, हॉर्नेट्स के झुंड और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियाँ।

आर्कटिक के बारे में कहा जाता है कि उसे समझाने की ज़रूरत ही नहीं। वहाँ एक प्रतिभागी के पैर की उँगली जमने लगती है, और दृश्यता इतनी कम है कि उन्हें अपने सामने कुछ भी नहीं दिखता। दौड़ की शुरुआत भी गड़बड़ रही। रेगिस्तान में नोलन शुरुआत में ही लड़खड़ा गए, और टीम ने कहा कि शुरुआत बहुत खराब हो गई।

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पहले दिन की शुरुआती प्रगति

कुछ देर बाद ट्रैकिंग ऐप पर रेगिस्तान दल करीब 6 प्रतिशत पर था, जंगल दल लगभग 4 पर और आर्कटिक सिर्फ़ 2 पर। रास्ता ढूँढ़ने के तरीके के बारे में बताया जाता है कि सभी दलों ने पहले से अपना रास्ता तय किया था, और फ़ोन में कंपास और जीपीएस है। फिर भी आर्कटिक में दृश्यता इतनी कम थी कि दल ने बहुत जल्दी तंबू लगाने के बारे में सोचना शुरू कर दिया। एक सदस्य ने इसमें एक अच्छी बात भी देखी: वे सबसे ज़्यादा आराम कर चुके होंगे।

जंगल में मुश्किलें अलग थीं। कैमरामैन दो बार गिरते-गिरते बचे। एक छोटे नाले पर जिमी ने लकड़ी का एक लट्ठा डालकर पुल जैसा बनाया, ताकि थिया के जूते न भीगें। उनका कहना था कि भीगे जूतों के साथ बाकी पूरा सफ़र परेशानी भरा रहेगा।

झाड़ियाँ काटते हुए और खड़ी चढ़ाइयाँ पार करते हुए उन्हें पानी के नए स्रोत की ज़रूरत पड़ी। उनके पास एक ऐसी बोतल थी जिसके बारे में बताया गया कि वह बैक्टीरिया और वायरस छान देती है, इसलिए वे अमेज़न का पानी पी सकते थे। घंटों की मेहनत के बाद जंगल दल सिर्फ़ 10 प्रतिशत तक पहुँचा था। उस समय रेगिस्तान 11 पर था और आर्कटिक 7 पर।

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रेगिस्तान आगे, आर्कटिक जल्दी रुका

रेगिस्तान दल का जोश बढ़ता जा रहा था। एक सदस्य की पीठ में दर्द हुआ तो दूसरे ने उनका बैग उठा लिया। इलाका बदला तो सामने एक खूबसूरत नज़ारा आया, और उन्हें नीचे की समतल ज़मीन तक उतरना था। उनका मानना था कि नीचे पहुँचते ही जिमी का मौका खत्म हो जाएगा।

उधर आर्कटिक दल का कहना था कि इतनी जल्दी तंबू लगाना उनके लिए बहुत बड़ा नुकसान है, क्योंकि उजाला रहते बाकी दल चलते रह सकते हैं। जंगल दल के पास उल्टी समस्या थी। पंखा नहीं था, तो वे ड्रोन की हवा से खुद को ठंडा कर रहे थे। रास्ते में उन्हें एक पत्ते पर बैठा मेंढक दिखा, जिसे उन्होंने "टॉड द टोड" नाम दिया।

अगली स्थिति में जंगल 15 प्रतिशत पर था, रेगिस्तान 20 पर, और आर्कटिक अब भी 7 पर। रेगिस्तान में एक पूरा कंकाल मिला। खोपड़ी देखकर उन्हें लगा कि यह इंसान का नहीं है। आगे एक विशाल घाटी आई जिसे दल को घूमकर पार करना पड़ा, जिस पर उन्होंने शिकायत की कि दुनिया की सबसे बड़ी घाटी उन्हीं के हिस्से क्यों आई।

जंगल दल ने बराबरी की, रेगिस्तान दल ने वज़न घटाया

करीब एक चौथाई रास्ते पर जंगल दल रेगिस्तान दल के बराबर आ गया। जिमी का अनुमान था कि रेगिस्तान दल वॉकी-टॉकी पर जवाब नहीं दे रहा, यानी शायद आराम कर रहा है, और इसी से वे बराबरी कर पाए। रेगिस्तान दल ने भी माना कि इस वीडियो में पहली बार जिमी उनसे आगे निकला है।

इसके बाद रेगिस्तान दल ने बदलाव का फ़ैसला किया। उन्होंने सुबह करीब साढ़े तीन किलो के चार बैग से शुरुआत की थी, और अब वज़न कम करना ज़रूरी लगा। उन्होंने खुद कहा कि यह शायद सबसे बड़ी गलती हो सकती है, पर इसका पता बाद में चलेगा।

जंगल दल करीब चार घंटे चलकर एक नदी के पास पहुँचा। आर्कटिक में डेरियस और एलिसन तंबू के अंदर थे। एलिसन के बाल जमकर बर्फ़ की लटें बन गए थे। उन्होंने कहा कि यह जितना सोचा था उससे कहीं ज़्यादा कठिन है, इतनी मेहनत के बाद बस तंबू ही लग पाया, और काश वे रेगिस्तान में होतीं।

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पहली रात: योजनाएँ और नदी का डर

अंधेरा होने पर रेगिस्तान दल ने भी तंबू लगाया। जंगल दल ने नदी के पास रुककर तय किया कि सुबह बेड़ा बनाकर नदी पार करेंगे। थिया ने आशंका जताई कि उस नदी में एनाकोंडा, पिरान्हा और मगरमच्छ हो सकते हैं। जिमी ने माना कि उन्हें लगा था अमेज़न सबसे आसान होगा, पर यह बहुत मुश्किल निकला।

पेड़ों से खुली जगह मिलने पर जिमी ने स्टारलिंक लगाकर बाकी दलों को वीडियो कॉल किया। उन्होंने बताया कि वे और थिया 40 प्रतिशत पर हैं, तारेक और नोलन करीब एक-तिहाई रास्ता पार कर चुके हैं, और आर्कटिक अब भी 7 पर है। आर्कटिक दल ने कहा कि वे कल वापसी करेंगे और बहुत तेज़ चलेंगे। जिमी ने कहा कि वे रात में बाकी दलों की स्थिति पर नज़र रखेंगे, ताकि कोई झूठ बोलकर चलना शुरू न कर दे।

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दूसरे दिन आर्कटिक का जोखिम भरा शॉर्टकट

सुबह आर्कटिक दल सबसे पहले जागा। ट्रैकर पर कोई और दल हिलता नहीं दिख रहा था, और कल के उलट अब उन्हें साफ़ दिख रहा था। उन्होंने तय किया कि बाकी दलों के सोते रहने का फ़ायदा उठाएँगे।

डेरियस ने एक रास्ता सुझाया जो सीधे बीच से निकलता था। इससे बहुत समय बच सकता था, लेकिन यह खतरनाक था। उनका तर्क था कि यह जोखिम उन्हें बाकी दलों तक या उनसे आगे भी पहुँचा सकता है। पर अगर रास्ता बहुत ढलानदार निकला तो पूरी शर्त हाथ से जा सकती है, और वे यह जोखिम लेने को तैयार थे।

रेगिस्तान दल एक पूरी तरह सूखी नदी के तल पर चल रहा था। आगे उन्हें एक बहती नदी और नखलिस्तान मिला। वहाँ उन्हें एक बड़ी शार्क का दाँत मिला। जब उन्होंने जेमिनी से पूछा कि यह यहाँ कैसे आया, तो जवाब मिला कि पेरू का रेगिस्तान कभी एक उथला समुद्र हुआ करता था।

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जंगल में बेड़ा और नदी का तेज़ बहाव

जिमी ने कमेंट करने वालों के लिए पहले ही समझाया कि वे तैरकर नदी पार क्यों नहीं कर रहे। उनके अनुसार बहाव इतना तेज़ था कि बैग के साथ वह उन्हें बहा ले जाता, जान खतरे में पड़ सकती थी, और वे शर्त भी पक्का हार जाते।

अकेले फुलाने वाले गद्दे उनका भार नहीं संभाल सकते थे, इसलिए उन्हें बाँस जैसी किसी मज़बूत चीज़ से बाँधना था। पास में उन्हें किसी और का छोड़ा हुआ बेड़ा भी दिखा। जिमी ने बताया कि उन्होंने पहले भी बेड़े बनाए हैं, तब हर कदम पर एक सर्वाइवल विशेषज्ञ साथ था। इस बार उन्होंने जेमिनी से पूछा कि गद्दों, बाँस और रस्सी से बेड़ा कैसे बनाएँ।

जवाब में तरीका यह बताया गया: दो मोटे बाँस समानांतर रखो, उन पर दो टहनियाँ आड़ी रखो, और दोनों गद्दों को एक के ऊपर एक रखकर कसकर बाँध दो। रस्सी कम पड़ी तो कैमरे पेड़ों पर बाँधने वाली ज़िप टाई से बाँस कसे गए। जिमी ने माना कि यह बेड़ा उनके पिछले बेड़े वाले वीडियो जैसा नहीं है, क्योंकि तब उनके पास एक हफ़्ता था और इस बार सिर्फ़ सात घंटे।

बेड़ा तीनों के लिए छोटा था। इसलिए बैग थिया के साथ बेड़े पर रखे गए, और जिमी व ज़ैक पानी में रहकर पैरों से धक्का देते हुए पार गए। थिया चप्पू चला रही थीं। बहाव उम्मीद से कहीं तेज़ निकला। जिमी को लगा कि वे करीब एक मील बह चुके हैं, और अगर अभी किनारे नहीं लगे तो पाँच घंटे और पैदल चलना पड़ेगा। आखिरी मौके पर वे पूरा बाईं ओर मुड़े, जिमी के पैर ज़मीन पर टिके, और वे किनारे तक पहुँच गए।

पर उतरने की तय जगह छूट जाने से उनका छोटा रास्ता उल्टा लंबा हो गया। बाद में उन्होंने बताया कि बहाव उन्हें रास्ते से करीब दो मील दूर ले गया था।

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स्थिति: अब कोई भी जीत सकता था

इसके बाद की स्थिति में तारेक और नोलन 58 प्रतिशत पर थे और जंगल दल 47 पर। आर्कटिक दल अपने बड़े शॉर्टकट के बाद 7 से उछलकर 40 पर पहुँच गया। जिमी ने कहा कि अब कोई भी जीत सकता है।

रेगिस्तान दल ने एक बड़ा फ़ैसला लिया। उन्होंने तंबू और स्लीपिंग बैग वहीं छोड़कर कम सामान के साथ पूरी रात चलने की योजना बनाई, ताकि बाकी दलों से पहले हेलिकॉप्टर तक पहुँच सकें। उनका कहना था कि कितने भी थके हों, जिमी को जीतने की खुशी नहीं देंगे।

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शरीर की सीमाएँ और आर्कटिक का बर्फ़ीला तूफ़ान

जंगल दल को बचाव स्थल तक पहुँचने के लिए पूरा पहाड़ चढ़ना था। उतरते हुए घुटनों पर बहुत ज़ोर पड़ा। एक सदस्य ने कहा कि पहली बार लग रहा है कि दिमाग आगे बढ़ना चाहता है पर शरीर साथ नहीं दे रहा। जिमी की साँस तेज़ होने लगी, और उन्हें नाक से अंदर और मुँह से बाहर साँस लेने की सलाह दी गई। रास्ते में एक फल मिला। जानकारी मिली कि वह खाने लायक तो है, पर उसके सख़्त काले बीजों से दाँत टूट सकता है, इसलिए उसे नहीं खाया गया। आगे उन्हें दिखा कि अभी पाँच पहाड़ और बाकी हैं, जबकि उन्हें लगा था कि यही आखिरी बड़ा पहाड़ है।

रेगिस्तान में दल आग वाली चींटियों से बचकर भागा। जंगल दल के अनुसार वे उस समय रेगिस्तान से करीब 12 प्रतिशत पीछे थे।

आर्कटिक में तूफ़ान आ गया। हवा की रफ़्तार करीब 50 मील प्रति घंटे तक पहुँचने लगी। डेरियस के चश्मे ने काम करना बंद कर दिया और उन्हें कुछ नहीं दिख रहा था। उन्होंने चेताया कि एक गलत कदम ऐसी हालत में डाल सकता है जहाँ से निकलना मुश्किल हो। आखिरकार दृश्यता इतनी खराब हुई कि तूफ़ान थमने तक रुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। डेरियस ने एलिसन से कहा कि शायद वे हार गए।

जंगल में लगातार एक घंटे की तेज़ चाल के बाद जिमी को उल्टी होने लगी। तब थिया ने उनका बैग उठा लिया, और जिमी ने मज़ाक में खुद को "पैसेंजर प्रिंसेस" कहा। बाद में बताया गया कि नदी पार करने के डेढ़ घंटे में जंगल दल 59 से 72 प्रतिशत तक पहुँच गया था। रेगिस्तान दल ने बताया कि उनकी पीठ पर करीब 27 किलो वज़न है, चढ़ाई है और पैर रेत में धँसते हैं। इसी दौरान दलों ने अपनी माँओं से फ़ोन पर बात की, जिन्होंने उन्हें पानी पीते रहने, सुरक्षित रहने और पूरा ज़ोर लगाने को कहा।

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अंधेरे में दौड़: अब कोई जानकारी नहीं

एक बिंदु पर जिमी ने बताया कि वे 66 प्रतिशत पर हैं, रेगिस्तान 73 पर है और आर्कटिक आधा रास्ता पार कर चुका है। फिर उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अब से जब तक कोई जीत न जाए, कोई किसी को अपनी स्थिति नहीं बताएगा। सभी दल राज़ी हो गए। इसके बाद दर्शकों को भी बाकी दलों की दूरी नहीं दिखाई गई। इस अनिश्चितता से हर दल ने तय किया कि अब रुकना ही नहीं है।

रेगिस्तान दल का एक सदस्य पानी गिरा बैठा, जिससे जल्दी खत्म करने का दबाव और बढ़ गया। तभी सभी दलों के पास एक हेलिकॉप्टर आया। यह बचाव हेलिकॉप्टर नहीं था, बल्कि रिहाइड्रेशन ड्रिंक और आइस पॉप्स का डिब्बा गिराने आया था, क्योंकि आयोजकों के अनुसार सभी ने जान लगा दी थी और शायद निर्जलित हो चुके थे। आर्कटिक में बर्फ़ इतनी गहरी थी कि डिब्बे तक पहुँचने में दस मिनट लगे।

इसके बाद एक दल ने बैग वहीं छोड़कर सीधा अंत तक तेज़ी से जाने का फ़ैसला किया। आर्कटिक दल ने अपनी माँओं को फ़ोन कर हालात दिखाए। डेरियस ने कहा कि वे थोड़ा हारा हुआ महसूस कर रहे हैं। डेरियस की माँ ने कहा कि वे नहीं चाहतीं कि बेटा उदास लौटे, और एलिसन की माँ ने कहा कि वे चाहती हैं कि वह एक शानदार अनुभव लेकर लौटे।

आखिरी पड़ाव: अमेज़न बनाम रेगिस्तान

अंतिम चरण में जंगल दल को लग रहा था कि वे और रेगिस्तान दल बिल्कुल आसपास हैं। रेगिस्तान दल बिना पानी या कोई ड्रिंक लिए निकल पड़ा था और मान रहा था कि अब मुकाबला सिर्फ़ उनके और जिमी के बीच है। अंधेरे में चढ़ाई करते हुए उनका कैमरामैन गिर गया। एक सदस्य ने कैमरा और टॉर्च खुद ले ली और कहा कि वे रुकेंगे नहीं। एक सदस्य ने कहा कि शरीर का हर हिस्सा रुकना चाहता है, लेकिन शरीर से पहले मन हारता है।

रेगिस्तान दल को हेलिकॉप्टर दिख गया, पर उन्हें नहीं पता था कि जिमी कितने पीछे हैं। उधर जंगल दल ने भी अपना हेलिकॉप्टर और पैसे देख लिए।

अंतिम समय के अनुसार जंगल दल 28 घंटे 15 मिनट में पहले स्थान पर रहा, और रेगिस्तान दल 28 घंटे 23 मिनट में दूसरे स्थान पर। यानी करीब 28 घंटे की दौड़ के बाद दोनों के बीच सिर्फ़ 8 मिनट का फ़ासला था। जीत के बाद एक सदस्य ने कहा कि उन्हें अपने पैर महसूस ही नहीं हो रहे, और दूसरे ने कहा कि उनकी दिक्कत उल्टी है: पैर महसूस हो रहे हैं और बहुत दर्द हो रहा है। जिमी और थिया ने जीती हुई रकम अपनी माँ को सौंपी।

आर्कटिक दल जब अपनी मंज़िल पर पहुँचा तो वहाँ कुछ नहीं था। एलिसन ने डेरियस से कहा कि लगता है वे हार गए, और उन्होंने माना कि वे थोड़ी देर से पहुँचे।