9000 किलो मिट्टी के नीचे सात दिन: मिस्टरबीस्ट का 'ज़िंदा दफ़न' होने का प्रयोग

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अवलोकन

इस वीडियो में जिमी (मिस्टरबीस्ट) एक ताबूत के अंदर सात दिन ज़मीन के नीचे बिताने की चुनौती लेते हैं। उनके ऊपर लगभग 9000 किलो मिट्टी डाली जाती है, और शुरुआत में ही वे इसे "अब तक का सबसे खतरनाक ऐक्ट" बताते हैं। वीडियो केवल सहनशक्ति की परीक्षा नहीं दिखाता। इसमें यह भी दर्ज है कि अकेलापन, बोरियत, शारीरिक तकलीफ़ और ऊपर मौजूद दोस्तों की शरारतें कई दिनों में उनकी मानसिक हालत को कैसे बदलती हैं। इसी दौरान चैनल 200 मिलियन सब्सक्राइबर्स तक पहुँचता है, और जिमी यह पल ज़मीन के नीचे से देखते हैं।

11 मिनट में पढ़ें

दफ़नाने का पल और शुरुआती घबराहट

चुनौती की शुरुआत में जिमी खुद कहते हैं कि अब समय हो गया है, उन्हें ज़िंदा दफ़न कर दिया जाए। ताबूत पर मिट्टी गिरते ही वे घबरा जाते हैं। उन्हें मिट्टी की आवाज़ डरावनी लगती है और ताबूत की छत हिलती महसूस होती है। ऊपर खड़े दोस्त मज़ाक करते हैं कि लोग कहेंगे कि उन्होंने जिमी को ज़िंदा गाड़ दिया।

ताबूत के अंदर से जिमी दर्शकों से कहते हैं कि अगले सात दिन यही उनका घर है, वे सही सलामत बाहर निकलने की प्रार्थना करते हैं और "यह 100% रियल है।" साथ ही वे मानते हैं कि उन्होंने इस चुनौती को "बहुत बुरी तरह अंडरएस्टीमेट" किया था। दफ़नाने में इतना समय लगा कि चुनौती शुरू होते ही उन्हें बाथरूम जाना था। वे ताबूत में रखी व्यवस्था दिखाते हुए इसे "बहुत अनकम्फर्टेबल" बताते हैं।

ताबूत के अंदर का सामान और निगरानी

जिमी के पास एक ब्रीफकेस में खाना है, जिसमें कुछ MRE (मील रेडी टू ईट) और स्नैक्स हैं। साथ में लगभग 19 लीटर पानी है। दोस्तों ने एक अलग "एसेंशियल" ब्रीफकेस भी रखा है। उसे देखकर जिमी को लगता है कि सात दिन पूरे होने से पहले ही उनका खाना खत्म हो जाएगा। शुरुआत में ही उनका पैर सुन्न पड़ने लगता है।

वे साफ़ कहते हैं कि यह बहुत खतरनाक है और घुटन से मौत का डर है, इसलिए दोस्त उन पर नज़र रखेंगे। संपर्क का ज़रिया वॉकी-टॉकी है। रात 1 बजे वे दोस्तों से कहते हैं कि कोई न कोई हमेशा वॉकी-टॉकी के पास रहे, ताकि ज़रूरत पड़ने पर मदद मिल सके।

नींद की रणनीति, जो दोस्तों ने चलने नहीं दी

पहली रात जिमी अपनी रणनीति बताते हैं: जितना हो सके उतना सोना। उनका तर्क है कि नींद में उन्हें याद नहीं रहेगा कि वे एक बक्से में फँसे हैं। पर वे खुद मानते हैं कि "ये हमेशा काम नहीं करेगा।"

यह योजना जल्दी टूट जाती है। सुबह दोस्त "जिमी जैम!" चिल्लाकर उन्हें जगाते हैं और नोलन की माँ को लेकर मज़ाक शुरू हो जाते हैं। जिमी बाद में कहते हैं कि सोते रहना ही उनकी रणनीति थी, पर वे भूल गए थे कि दोस्त उन्हें तंग करेंगे और सोने नहीं देंगे, इसलिए यह बहुत मुश्किल होगा।

दूसरा दिन: MRE, बोरियत और ताबूत पर मुक्के

दिन की शुरुआत जिमी फुल पैंट को काटकर शॉर्ट्स बनाने से करते हैं और इसे "मिशन 1 कंप्लीट" कहते हैं। फिर वे MRE आज़माते हैं और समझाते हैं कि इसमें बस गर्म पानी डालना होता है। ऊपर दोस्त उनकी कब्र पर बैठकर स्टेक खा रहे होते हैं। एक दोस्त दावा करता है कि जब तक जिमी MRE खा रहे हैं, वे भी वही खाएँगे, पर पीछे से तारिक़ की "नहीं" सुनाई दे जाती है। जिमी का पास्ता क्रंची निकलता है।

बोरियत इतनी बढ़ जाती है कि जिमी मज़े के लिए ताबूत पर मुक्के मारने लगते हैं। हाथ दुखने लगता है तो वे उस पर मोज़ा चढ़ा लेते हैं ताकि मुक्के मारते रह सकें। उनके शब्दों में, उन्हें "बस एंटरटेनमेंट से मतलब है।"

सर्जिकल वायर कैमरा

अचानक ऊपर कुछ होने लगता है और जिमी सचमुच डर जाते हैं। वे पूछते हैं कि ऊपर क्या हो रहा है, क्योंकि "मेरी ज़िंदगी खतरे में है," पर दोस्त कुछ नहीं बताते। दरअसल उन्होंने कब्र तक एक पाइप डाला, वैक्यूम से मिट्टी बाहर खींची और फिर एक सर्जिकल वायर कैमरा जिमी तक पहुँचाया ताकि उनकी हालत देख सकें। कैमरा अंदर पहुँचता है तो एक मक्खी भी जिमी को डरा देती है, और वे कैमरा हटाने को कहते हैं।

एसेंशियल ब्रीफकेस, नोलन की माँ की फोटो और पीठ दर्द

दूसरे दिन के अंत में ऊब चुके जिमी "एसेंशियल" ब्रीफकेस खोलते हैं। उसमें एक कार्ड और नोलन की माँ की फोटो निकलती है। जिमी यह फोटो अपनी छाती पर रख लेते हैं, और यही मज़ाक पूरे वीडियो में बार-बार लौटता है।

इसी दौरान जिमी बताते हैं कि पॉटी की मजबूरी के अलावा जो चीज़ उन्हें चुनौती छोड़ने पर मजबूर कर सकती है, वह है "बैकपेन, बैकपेन, बैकपेन और थोड़ा और बैकपेन।" वे कहते हैं कि यह तो बस शुरुआत है और हालात और बिगड़ेंगे।

तूफ़ान, 15 स्पीकर और "भूकंप"

रात में ज़ोरदार बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट होती है। ऊपर एक दोस्त नोलन को जगाता है, क्योंकि उसे डर है कि कहीं जिमी कुचल तो नहीं गए। दोस्त कहते हैं कि यह सचमुच किसी फ्यूनरल जैसा लग रहा है।

फिर वे जिमी को जगाने का तरीका निकालते हैं। कब्र के ऊपर 15 स्पीकर लगाए जाते हैं और क्रिस तेज़ आवाज़ में म्यूज़िक बजाता है। जिमी का ताबूत सचमुच हिलने लगता है। वे कहते हैं कि वे वाइब्रेट हो रहे हैं और इन कंपनों से उनके सिर में दर्द होने लगा है। इसी बीच उन्हें पता चलता है कि ताबूत का एक बोल्ट ठीक से फिट नहीं है। वे पूछते हैं कि क्या इस पर चिंता करनी चाहिए, पर दोस्त आवाज़ और तेज़ करने को कहते हैं।

सुरंग खोदने की गुप्त योजना

स्पीकर का शोर एक आड़ भी था। दोस्त तय करते हैं कि एक जगह से शुरू करके जिमी के ताबूत तक सुरंग खोदेंगे। तेज़ स्पीकर की वजह से जिमी को खुदाई की आवाज़ नहीं सुनाई देगी। एक दोस्त सुझाव देता है कि स्पीकर पर कंस्ट्रक्शन की आवाज़ बजाई जाए, ताकि एक्सकेवेटर की आवाज़ पहचानी न जा सके।

नीचे जिमी के लिए यह स्थिति बेचैन करने वाली है। बहुत शोर है और वॉकी-टॉकी पर कोई जवाब नहीं दे रहा। वे सोचते हैं कि या तो वे मरने वाले हैं या दोस्त कोई बेवकूफ़ी कर रहे हैं। ऊपर खुदाई करते दोस्त इसे वीडियो गेम जैसा बताते हैं, और मज़ाक करते हैं कि यह तब तक मज़ेदार है जब तक गलती से किसी की जान न चली जाए। एक दोस्त कहता है कि वह इस काम के लिए सर्टिफ़ाइड नहीं है।

50 घंटे पार और ब्लड क्लॉट का डर

इसी बीच जिमी बताते हैं कि वे 50 घंटे पार कर चुके हैं। उनके अनुसार पिछली बार जब उन्होंने यह चुनौती की थी, तब से अब वे आगे निकल गए हैं। उन्होंने अपने डॉक्टर से वादा किया था कि वे हिलते-डुलते रहेंगे ताकि ब्लड क्लॉट न बने। वे कहते हैं कि इस तरह हफ़्ते भर लेटे रहने से मौत भी हो सकती है, और उन्हें डर है कि कुछ दिन बाद खड़े होने पर कहीं सचमुच उनकी जान न चली जाए। यही डर वीडियो के अंत तक बना रहता है।

जिमी यह भी बताते हैं कि इस चुनौती की सबसे अजीब बात हर वक्त रिकॉर्ड करते कैमरे हैं। पहले एक-दो दिन उन्हें कुछ महसूस नहीं हुआ, पर बाद में ऐसा लगने लगा कि कोई उन्हें लगातार घूर रहा है, और यह बात उन्हें इरिटेट करने लगी।

सुरंग के रास्ते मुलाकात

पूरी रात की खुदाई के बाद दोस्त सुरंग से ताबूत तक पहुँच जाते हैं और "जिमी! जिमी!" चिल्लाते हैं। जिमी कहते हैं कि उन्हें नोलन का माथा दिख रहा है। उन्होंने बिल्कुल नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा। नोलन फोटो से छुटकारा पाने का तरीका पूछते हैं, तो जिमी जवाब देते हैं कि इसी फोटो की वजह से वे ज़िंदा हैं और इसे फ्रेम करके हमेशा रखेंगे।

दोस्त बताते हैं कि जिमी को अंदाज़ा नहीं कि चैनल पर क्या चल रहा है: चैनल 200 मिलियन सब्सक्राइबर्स के करीब है। जिमी कहते हैं कि काश वे इसे लाइव देख पाते। दोस्त ताबूत में एक फीस्टेबल्स बार टेप कर देते हैं, ताकि हर टाइमलैप्स में वह दिखे। जिमी इसे मज़ाक में दोस्तों की "बहुत अच्छी मार्केटिंग" कहते हैं।

मानसिक गिरावट: आँसू और थकान

उस रात के बाद वीडियो का स्वर बदल जाता है। जिमी कहते हैं कि वे बहुत थक गए हैं पर किसी वजह से नींद नहीं आ रही, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। फिर वे रोने लगते हैं और कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे क्यों रो रहे हैं।

पाँचवें दिन वे कहते हैं कि इस "कैदखाने" में दो दिन और निकालने हैं, और उन्हें नहीं लगता कि इंसान लगातार पाँच दिन लेटे रहने के लिए बना है। वे कोशिश कर रहे हैं कि डिप्रेस्ड न दिखें, पर "बस हो ही गया।" दोस्त पेंटबॉल गन से उनकी कब्र के पत्थर पर निशाना लगाने की बात करते हैं, पर जिमी को समझ नहीं आता कि क्या कहें। वक्त कैसे काटा, इस सवाल पर वे कहते हैं, "कुछ भी नहीं। मैं तो पगला गया हूँ।"

वे बताते हैं कि उन्हें कुछ भी करने का मन नहीं करता, खाना बनाने की ताकत नहीं बची और बाथरूम जाना बहुत मुश्किल है। शॉर्ट्स पर पेशाब लग जाने से उन्होंने वह हिस्सा काट दिया, और अब शॉर्ट्स बहुत छोटे हो गए हैं। वे मानते हैं कि यह "बहुत घिनौना" था।

ताबूत के अंदर से 200 मिलियन

दोस्त 200 मिलियन का जश्न मनाने कब्र पर आते हैं। जिमी पूछते हैं कि इसमें कितना समय लगेगा। वे कहते हैं कि पूरा दिन बोरिंग रहा था, पर यह खबर सुनकर उन्हें थोड़ा अच्छा लगने लगा। दोस्त ज़मीन के नीचे इंटरनेट का इंतज़ाम करते हैं और एक छोटा बॉक्स प्लग में लगाकर जिमी को रियल-टाइम सब्सक्राइबर काउंट दिखाते हैं (वीडियो का यह हिस्सा प्रायोजित सेगमेंट भी है)। जिमी के मुताबिक वे लगभग दस फ़ीट नीचे हैं।

काउंट बढ़ते हुए साथी पुराने दिन याद करते हैं। नोलन कहते हैं कि पहले वे नेब्रास्का में आवारागर्दी करते थे और अब नॉर्थ कैरोलाइना में करते हैं। किसी को वे दिन याद आते हैं जब सब कैंटीन में बैठकर ऐसी बातें करते थे। एक साथी बताते हैं कि शुरुआत में वे जैनिटर थे और आज 200 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ बैठे हैं। जिमी कहते हैं कि उन्होंने पहला वीडियो 11 साल की उम्र में बनाया था, अब वे 25 के हैं, और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि चैनल इतना बड़ा होगा। वे उन सबका शुक्रिया अदा करते हैं जो उनके वीडियो देखते हैं, और याद करते हैं कि कभी उन्हें ज़ीरो व्यूज़ मिलते थे। फिर काउंट 200 मिलियन पार करता है: "हमने कर दिखाया!"

जश्न ज़्यादा देर नहीं चलता। दोस्त कहते हैं कि समय खत्म हो गया और वे कनेक्शन हटा देंगे। जिमी सिर्फ़ दो मिनट अपनी गर्लफ्रेंड से बात करना चाहते हैं ताकि उसे पता चले कि वे ज़िंदा हैं, पर दोस्त खाना खाने चले जाते हैं। इसके बाद जिमी फिर रोते हैं। वे कहते हैं कि 200 मिलियन की खुशी तो है, पर अब वे फिर अकेले फँसे हैं। पूरे पाँच दिन अकेले ताबूत में बिताने के बाद उन्हें नहीं पता कि बाकी दो दिन कैसे निकलेंगे।

सबसे निचला बिंदु और नोलन के माता-पिता

वॉकी-टॉकी पर "क्या हाल-चाल?" का कोई जवाब नहीं आता, तो ऊपर चिंता होती है कि जिमी ज़िंदा भी हैं या नहीं। एक दोस्त उनकी हालत का सिलसिला यूँ बताते हैं: पहले वे डरे हुए थे, फिर अकेले थे, और अब उदास हैं। जिमी कहते हैं कि वे कंटेंट के लिए बात करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, पर सच यह है कि बिल्कुल मन नहीं करता, बस बाहर निकलना है। वे बताते हैं कि सारी पी-बॉटल्स भर चुकी हैं, इसलिए अब वे एक खाने का पैकेट खाली करके उसी में पेशाब करते हैं और ज़िप बंद कर देते हैं। उनके शब्दों में यह चुनौती "बहुत वाहियात" है।

उनका मूड ठीक करने के लिए नोलन कुछ फ़ोन कॉल करते हैं और अपने माता-पिता को ले आते हैं। जिमी उनसे नोलन के बारे में कोई शर्मिंदा करने वाली बात पूछते हैं। वे बताते हैं कि एक बार नोलन ने प्रोम जाने की बात कही थी, पर असल में वे पड़ोसी के घर वक्त बिताने चले गए थे। वे यह भी कहते हैं कि वे चाहते हैं कि नोलन क्रिसमस पर किसी लड़की के साथ घर आएँ। जिमी कहते हैं कि इससे उनका मूड बन गया और अब कमेंट सेक्शन में बहुत मज़ा आएगा।

आखिरी रात और बाहर निकलना

आखिरी रात जिमी दोस्तों को आदेश देते हैं कि 12 घंटे में खुदाई शुरू हो जानी चाहिए। वे पूछते हैं कि अगर खड़े होते ही ब्लड क्लॉट से उनकी मौत हो गई तो दोस्त क्या करेंगे। एक दोस्त मज़ाक में जवाब देता है कि उसे पता है उन्हें कहाँ रखना है। सोने से पहले जिमी फिर रो पड़ते हैं। वे कहते हैं कि इतने एक्साइटेड वे पहले कभी नहीं थे और कल सूरज की रोशनी देखने के लिए बेताब हैं। पूरी रात वे यही सोचते रहे कि सुबह अपने पैरों पर खड़े हो पाएँगे या नहीं, क्योंकि इतने दिन बिना हिले-डुले लेटे रहना सामान्य नहीं है।

सात दिन पूरे होने पर वे दोस्तों से बाहर निकालने को कहते हैं। वे इस इंतज़ार को चुनौती का सबसे बुरा हिस्सा बताते हैं, क्योंकि खड़े होने पर मौत का डर अब भी बना है। कार्ल, जिन्हें एक दोस्त "सैंटा क्लॉस जैसा दिखने वाला" कहता है, एक्सकेवेटर से खुदाई करते हैं। मिट्टी हटती है और जिमी को धूप दिखती है। वे कहते हैं कि सात दिन बाद सूरज देखने की इस भावना को बयान करना बहुत मुश्किल है, और वे फिर से बिना वजह रोने लगते हैं।

खड़े होने से पहले दोस्त मेडिक को नीचे बुलाते हैं, जो पूछते हैं कि कहीं चक्कर तो नहीं आ रहा। जिमी कहते हैं, "पता नहीं।" फिर वे एक हफ़्ते बाद खड़े होते हैं। उनके पैरों में जान नहीं है और सिर में थोड़ा दर्द है, पर वे कहते हैं, "मैं मरा नहीं हूँ, मैं ठीक हूँ," और यह एक अजीब-सी भावना है। ऊपर ज़मीन पर काफ़ी लोग उनका इंतज़ार कर रहे हैं। सात दिन बाद जिमी आखिरकार 200 मिलियन सब्सक्राइबर्स का जश्न ठीक से मना पाते हैं, और वीडियो उनकी पुरानी परंपरा के अनुसार एक धमाके के साथ खत्म होता है।