100 प्रतियोगी, पाँच ट्रैप और एक लाख डॉलर की सुनहरी ट्रॉफी: "सबसे बड़े ट्रैप" की चुनौती कैसे खेली गई

YouTube पर खोलें ↗
अवलोकन

इस वीडियो में होस्ट (MrBeast) ने सौ प्रतियोगियों को पाँच बड़े ट्रैप्स से गुज़ारा। ये ट्रैप्स "कंटेस्टेंट्स की लिमिट तक धकेलने" के लिए बनाए गए थे। हर चरण में खिलाड़ी बाहर होते गए और आखिर में बचे एक व्यक्ति को एक लाख डॉलर की, असली सोने से बनी ट्रॉफी मिलनी थी। शुरुआती ट्रैप्स फुर्ती और किस्मत की परीक्षा थे। बीच के ट्रैप्स में टीमवर्क और रणनीति की ज़रूरत पड़ी। आखिरी चरणों में खेल दोस्ती, वादों और भरोसे की परीक्षा बन गया।

13 मिनट में पढ़ें

पहला ट्रैप: गिरती छत और नकली कीलें

प्रतियोगियों की आँखों पर पट्टियाँ बँधी थीं। पट्टियाँ हटीं तो उन्होंने खुद को एक कमरे में बंधा पाया, जिसकी छत पर कीलें लगी थीं। होस्ट ने साफ़ किया कि कीलें असली नहीं हैं। नियम यह था कि छत नीचे पहुँचने से पहले जो खुद को छुड़ाकर कमरे से बाहर नहीं निकल पाएगा, वह एलिमिनेट हो जाएगा। छत नीचे आने लगी और लोग तेज़ी से खुद को छुड़ाकर भागे।

राउंड खत्म होने पर 49 लोग बाहर हो चुके थे और 51 आगे बढ़े। होस्ट ने कहा कि अब चार ट्रैप बचे हैं और अगले पर "आपको विश्वास नहीं होगा"।

दूसरा ट्रैप: पेंटबॉल वॉरज़ोन

दूसरा ट्रैप एक बड़ा पेंटबॉल एरीना था। वहाँ गार्ड्स पेंटबॉल गन लेकर खड़े थे। नियम सीधा था। एक बार भी गोली लगी तो खिलाड़ी तुरंत बाहर। जो पहले बीस लोग फिनिश लाइन पार करके टाइल पर खड़े होंगे, वही आगे जाएँगे। होस्ट ने एक अहम बात भी बताई: हरी लाइट जलते ही गार्ड्स गोली चलाना बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि उनकी जगह होते तो वे इस बात को ध्यान में रखते।

खेल शुरू होते ही गार्ड्स ने लगातार गोलियाँ चलाईं और कई लोग एक-एक करके बाहर होते गए। प्रतियोगियों ने बचने के अलग-अलग तरीके आज़माए। एक खिलाड़ी ने एक दरवाज़े को ढाल की तरह पकड़ा, फिर भी उन्हें गोली लग गई। कुछ लोग एक वैन के पीछे छिपे, जहाँ वे पूरी तरह सुरक्षित रहे। कई लोगों ने तय किया कि वे जल्दबाज़ी नहीं करेंगे और हरी लाइट जलने पर ही दौड़ेंगे।

पहली बार लाइट हरी हुई तो दो लोग दौड़े। एक पार निकल गए और दूसरे एलिमिनेट हो गए। होस्ट के अनुसार, एक व्यक्ति के पार होते ही बाकी लोगों में हिम्मत आ गई। फिर एक समूह को मैदान में एक कंबल मिला और उन्होंने उसे कवर की तरह इस्तेमाल किया। उनकी वजह से शूटर्स का ध्यान बँटा और दूसरों को मौका मिला। दस लोग पार हुए तो दस जगहें बचीं और होस्ट ने चेताया कि इंतज़ार करने वालों को अब तुरंत निकलना होगा। एक समय 13 लोग बचे थे और जगहें सिर्फ़ पाँच। उनमें से कई वैन के पीछे फँसे हुए थे। आखिरी दौड़ के बाद बीस लोग टाइलों पर खड़े थे।

होस्ट ने फिर बताया कि वे किस रंग की टाइल पर खड़े हैं, यह "बहुत ज़रूरी" है। वजह उन्होंने अगले ट्रैप में बताई।

तीसरा ट्रैप: पुल, चाबियाँ और सिर्फ़ 12 हथकड़ियाँ

तीसरे ट्रैप में एक खाली खाई थी, कुछ रस्सियाँ थीं और बीच में एक प्लेटफ़ॉर्म था। टाइलों के रंगों के हिसाब से पाँच-पाँच लोगों की चार टीमें बनीं: पिंक, ब्लू, ग्रीन और ऑरेंज। हर टीम को एक कैप्टन चुनना था। बाकी चार सदस्यों को पीछे के पोडियम पर खुद को बेड़ियों से बाँधना था।

नियम ये थे। हर कैप्टन के पास पुल बनाने के लिए सिर्फ़ पाँच टुकड़े थे और जो टुकड़ा गिर गया, वह वापस नहीं मिलेगा। कैप्टन पुल पार करके बीच के प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचे तो उनके पास दो विकल्प थे। वे 12 स्पॉट्स में से किसी एक पर खुद को लॉक करके अपनी जगह पक्की कर लें, या 12 चाबियों में से एक लेकर वापस जाएँ और किसी साथी को अनलॉक करें। बीच में 12 लोग लॉक होते ही खेल खत्म हो जाएगा और बाकी सब बाहर होंगे। होस्ट ने ज़ोर दिया कि लोग बीस हैं और चाबियाँ सिर्फ़ बारह, "तुम हिसाब लगा सकते हो"। कैप्टन को यह भी याद दिलाया गया कि अगर वे खुद गिरे तो पूरी टीम बाहर हो जाएगी। यानी कौन आगे जाएगा और कौन पीछे छूटेगा, यह फैसला कैप्टन के हाथ में था।

पिंक टीम ने स्टीवन को कैप्टन चुना। एक साथी ने उन्हें मज़बूत और वफ़ादार बताया। ब्लू टीम की कैप्टन ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता पूरी टीम को पार करवाना है। ग्रीन टीम के कैप्टन तोमर थे।

ग्रीन टीम शुरू से आगे रही। तोमर की रणनीति पर होस्ट ने खास तौर पर टिप्पणी की। तोमर चाहते थे कि पुल पार करने से पहले पूरी टीम अनलॉक हो जाए। इस तरह पुल खाली रहता, वे तेज़ी से बार-बार चाबियाँ ला पाते और कोई बीच में रास्ता नहीं रोकता। इसका फ़ायदा साफ़ दिखा। एक समय तोमर तीन चाबियाँ ले चुके थे जबकि एक दूसरे कैप्टन की दूसरी चाबी भी नहीं आई थी।

पिंक टीम में ऑस्टिन सबसे पहले अनलॉक हुए। वहाँ समस्या यह आई कि साथी पुल पर होने से कैप्टन का रास्ता रुक गया। होस्ट ने कहा कि तोमर की रणनीति इसी स्थिति से बचने के लिए थी। पिंक किसी साथी को पार कराने वाली पहली टीम बनी, लेकिन एक बार धक्का लगने से मुश्किल बढ़ गई। स्टीवन ने अपनी टीम से कहा कि वे पीछे धकेलना नहीं चाहते थे। बीच में ब्लू टीम ने अपना पहला स्पॉट पक्का किया।

ऑरेंज टीम सबसे ज़्यादा परेशानी में रही। उनका एक भी टुकड़ा देर तक ठीक से नहीं लगा और बाद में बोर्ड्स इतने दूर चले गए कि टीम के लोग खुद कहने लगे कि अब शायद वे इसे नहीं कर पाएँगे। उधर तोमर ने अपनी पूरी टीम अनलॉक कर दी और पूरी ग्रीन टीम बीच की ओर बढ़ी। आखिरी पलों में जब जगहें कम बचीं, एक खिलाड़ी से कहा गया कि दौड़कर कूद जाओ। वे पहले हिचकिचाए, फिर कूदे और गिरने लगे, पर साथियों ने उन्हें पकड़कर ऊपर खींच लिया।

नतीजे बिल्कुल अलग-अलग निकले। ग्रीन के पाँचों सदस्य बच गए। ब्लू और पिंक के तीन-तीन पहुँचे। ऑरेंज से कैप्टन के अलावा कोई नहीं पहुँच सका। ऑरेंज के कैप्टन ने कहा कि यह सही नहीं हुआ, उन्हें टीम के लिए खेलना था, और अब ग्रीन कैप्टन को निकालना होगा क्योंकि "अब वो एक बड़ा खतरा है"। ग्रीन टीम के लोग तोमर की तारीफ़ करते रहे और तोमर ने बार-बार कहा, "मैं झूठ नहीं बोलता।"

चौथा ट्रैप: घूमती मशीन और "कैप्टन" का चुनाव

चौथा ट्रैप एक विशाल घूमने वाली मशीन थी। होस्ट ने इसे शब्दों में समझाने के बजाय चलाकर दिखाया। खिलाड़ियों को मशीन की घूमती भुजाओं से बचने के लिए कभी झुकना था और कभी कूदना था। जो गिरा, वह आउट।

शुरू होने से पहले होस्ट ने लालो नाम के प्रतियोगी को बुलाया और बताया कि उनके लिए इसमें हिस्सा लेना चिकित्सकीय रूप से संभव नहीं है। इसलिए उन्हें पाँच हज़ार डॉलर देकर चैलेंज से विदा किया गया।

इस ट्रैप का ढाँचा पिछले ट्रैप्स से अलग था। खिलाड़ियों को एक कैप्टन चुनना था। कैप्टन तीन तरह के खेलों में से एक चुनता, एंड्योरेंस, स्किल या स्ट्रेंथ, और फिर अपने खिलाफ़ खेलने के लिए दो लोगों को चुनता। तीनों में जो आखिर तक टिकता, वह आगे जाता। ट्रैप चार राउंड का था, इसलिए सिर्फ़ चार लोग फाइनल ट्रैप तक पहुँच सकते थे। हर राउंड का विजेता अगले राउंड का कैप्टन चुनता था।

ऑरेंज टीम के एक खिलाड़ी ने कहा कि पिछली बार उनका कैप्टन सही नहीं था। तोमर ने वादा किया कि वे व्यक्तिगत रूप से पूरी कोशिश करेंगे कि यह चैलेंज सबके लिए पूरी तरह फ़ेयर हो। वोटिंग में तोमर को सबसे ज़्यादा वोट मिले।

पहला राउंड: तोमर ने स्ट्रेंथ चुना। इसमें भारी वेस्ट पहनकर मशीन से बचना था। उन्होंने ब्रायन और स्टीवन को चुना और कहा कि वे इन्हें चुनौती देना चाहते हैं, क्योंकि जीतने पर ये दोनों अगले चैलेंज में नहीं होंगे। एक प्रतिद्वंद्वी ने कहा कि वे उम्र में उनसे बहुत छोटे हैं और उन्हें पूरा यकीन है कि जीत उन्हीं की होगी। तोमर ने सांसों और संतुलन पर ध्यान रखा और खुद माना कि यह "जितना दिखता है उतना आसान नहीं"। मशीन की रफ़्तार बढ़ी और वेस्ट ने मुश्किल बढ़ाई। पहले स्टीवन थककर गिरे, फिर ब्रायन। तोमर फाइनल फोर में पहुँच गए।

दूसरा राउंड: तोमर ने बेली को अगला कैप्टन बनाया। बेली ने स्किल चुना। हर खिलाड़ी को 75 पिंग-पोंग गेंदों से भरा कटोरा पकड़े हुए मशीन से बचना था। दो मिनट बाद जिसके पास सबसे ज़्यादा गेंदें बचतीं, या जो आखिर तक टिका रहता, वह जीतता। बेली ने टी. रफ़िन (ऑरेंज कैप्टन) और जूलियन (तोमर के पुराने ग्रीन टीम-साथी) को चुना। एक दर्शक ने टिप्पणी की कि बेली ने "अपने दोस्त के दुश्मन" को चुना। टी. रफ़िन ने दोहराया कि उन्हें ग्रीन कैप्टन को निकालना है, लेकिन मशीन शुरू होते ही वे गिर गए। अंत में बेली जीते।

तीसरा राउंड: बेली ने ऑस्टिन को कैप्टन बनाया। ऑस्टिन ने स्ट्रेंथ चुना और जोसेफ व मैट को प्रतिद्वंद्वी चुना। होस्ट ने पूछा कि उन्होंने बाकी दो लोगों को क्यों नहीं चुना। ऑस्टिन ने बताया कि जब बाकी लोग मुकाबला कर रहे थे, तब उन्होंने आपस में ऐसा तय किया था, और अब फिनाले में दो लड़कियाँ होंगी। उन्होंने कहा, "मैं जुबान पर कायम रहूँगा।" इस राउंड में एक खिलाड़ी सिर्फ़ करीब पाँच सेकंड टिक पाए। आखिर में जोसेफ आगे बढ़े।

चौथा राउंड: बचे दो खिलाड़ियों के बीच कैप्टन चुनते समय किन्सली का नाम आया। चुनने वाले ने कारण बताया कि किन्सली उनकी टीम कैप्टन थीं और उन्होंने ही उन्हें अनलॉक करके पुल पार करवाया था। किन्सली बनाम एबी के मुकाबले में किन्सली ने एंड्योरेंस चुना। दोनों शांत और गंभीर होकर खेलीं। मुकाबला कड़ा रहा, पर जीत किन्सली की हुई।

इस तरह फाइनल फोर बने: तोमर, बेली, जोसेफ और किन्सली।

फाइनल ट्रैप: काँच के दिल और तोप

आखिरी ट्रैप के नियम सुनकर खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया थी, "ब्रो, ये बहुत बुरा है।" हर खिलाड़ी के सामने काँच के तीन दिल लगे थे। बारी-बारी से हर व्यक्ति नीचे आकर एक तोप से अपने चुने हुए खिलाड़ी के दिल पर निशाना लगाता। जिसके तीनों दिल टूट जाते, वह बाहर। आखिरी बचा व्यक्ति ट्रॉफी जीतता। होस्ट के शब्दों में, या तो दूसरों को एलिमिनेट करो या खुद एलिमिनेट हो जाओ। चारों ने कहा कि वे एक-दूसरे को पसंद करते हैं, और इसी वजह से यह फैसला और मुश्किल लग रहा था।

पहला दौर: शिकारी का डर और वादे पर सवाल

पहले ट्रैप के विजेता होने के कारण तोमर को पहला शॉट मिला। उन्होंने कहा कि पूरा प्लान बर्बाद हो गया, वे यहाँ सिर्फ़ मज़े करने आए थे और अब उन्हें लोगों को दुखी करना पड़ेगा। रणनीति पूछी गई तो उन्होंने कहा कि अब एक-दूसरे की "मारकाट" करनी होगी। किन्सली ने बताया कि उनका निशाना अच्छा है, क्योंकि वे शिकार करती हैं और यह तोप रायफ़ल जैसी लगती है। इसी बात ने तोमर का फैसला तय किया। उन्होंने कहा कि किन्सली शिकारी हैं और उनके लिए खतरा हैं, तो उन्हें क्यों रखें। किन्सली ने समझाया कि उनका निशाना उतना अच्छा नहीं, यह रायफ़ल नहीं है, और उन्होंने तोमर को पहले स्थान के लिए वोट भी दिया था। फिर भी तोमर ने किन्सली का एक दिल तोड़ दिया।

बेली ने कहा कि अब उन्हें सबसे ज़्यादा डर है, इसलिए नहीं कि वे लाइन में आखिरी हैं, बल्कि इसलिए कि किन्सली का एक दिल कम हो चुका है। बेली ने सबसे पूछा कि वे उन्हें क्यों न शूट करें। जोसेफ ने पूछा कि बेली उन्हें क्यों निशाना बनाएँगी। बेली ने जवाब दिया कि जोसेफ अपनी जुबान पर कायम नहीं रहे और उनकी योजना बेली को बाहर करने की थी। जोसेफ ने कहा, "ये एक गेम है", और यह भी कि अच्छे इंसान अपनी जुबान से नहीं मुकरते। बेली ने जोसेफ के निचले दिल पर निशाना लगाया, पर गोला ज़मीन पर जा लगा।

होस्ट ने जोसेफ को "वाइल्ड कार्ड" कहा, यानी ऐसा खिलाड़ी जिसे शायद कोई पढ़ नहीं पाया। जोसेफ ने पलटवार करके बेली का एक दिल तोड़ दिया। बाद में उन्होंने कहा कि बेली ने उन पर निशाना लगाया, यह उन्हें पसंद नहीं आया। इसके बाद किन्सली की बारी थी। उन्होंने कहा कि जोसेफ को शूट करना उन्हें गद्दारी जैसा लग रहा है, पर उन्हें सूझबूझ से फैसला लेना है। उन्होंने जोसेफ का एक दिल तोड़ा। अब तोमर को छोड़कर सबका एक दिल जा चुका था। किन्सली ने बाद में माना कि सोचें तो यह सही फैसला नहीं था, क्योंकि तोमर अब सबको एक साथ खत्म कर सकते हैं।

दूसरा दौर: जोसेफ का बाहर होना

दूसरे दौर में शॉट्स एक-दूसरे के जवाब में चलते रहे। बेली का एक शॉट जोसेफ के उस दिल पर लगा जो पहले ही टूट चुका था, इसलिए उसका कोई असर नहीं हुआ। जोसेफ ने कहा कि तोमर सबसे बड़ा खतरा हैं और उनके जाने के बाद तोमर को कोई नहीं रोक पाएगा, क्योंकि तोमर ही अकेले हैं जिनके तीनों दिल बचे हैं। फिर जोसेफ ने तोमर का एक दिल तोड़ दिया, और अब हर खिलाड़ी का कम से कम एक दिल जा चुका था।

किन्सली ने जोसेफ के आखिरी दिल पर निशाना लगाया, पर गोला उछलकर (रिकोशे) लगभग कैमरामैन को जा लगा। होस्ट ने मज़ाक में कहा कि दिल पर मारना था, कैमरामैन पर नहीं। आखिर में तोमर ने जोसेफ का आखिरी दिल तोड़ा। जोसेफ ने बस इतना कहा, "बस मार दो।" जोसेफ एलिमिनेट हुए और उन्हें पिंजरे से नीचे गिरा दिया गया।

तीसरा दौर: बेली पर दबाव और तोमर की विदाई

अब बेली की बारी थी और होस्ट ने कहा कि यह उनकी ज़िंदगी का सबसे ज़रूरी शॉट हो सकता है। किन्सली ने बेली को मनाने की कोशिश की। उनका तर्क था कि अगर बेली उन्हें शूट करेंगी तो वे बाहर हो जाएँगी, और फिर तोमर पलक झपकते बेली को आउट कर देंगे। किन्सली ने याद दिलाया कि पुल वाले ट्रैप में उन्होंने बेली को "लिटरली गड्ढे से खींच निकाला था"। उन्होंने यह भी पेशकश की कि वे अपने बाल लाल रंग लेंगी। बेली का यह शॉट चूक गया। बेली ने खुद कहा कि इंटरनेट पर आने पर यह बहुत शर्मनाक लगेगा।

किन्सली ने कहा कि वे "बेली के बुरे निशाने पर भरोसा कर रही हैं"। इसके बाद के शॉट्स में स्थिति बदलती रही, और एक मोड़ पर तोमर का भविष्य बेली के हाथ में आ गया। होस्ट ने तोमर को याद दिलाया कि वीडियो की शुरुआत में सौ प्रतियोगी थे और अब टॉप थ्री में पहुँचकर एक शॉट उन्हें बाहर कर सकता है। तोमर ने बेली से कहा कि तोमर से अकेले भिड़ना उनके लिए ठीक नहीं होगा। एक और व्यक्ति ने बेली से वादा किया कि अगर वे किन्सली को शूट करें तो वे अपनी पूरी दाढ़ी बेली की शर्ट जैसी लाल रंग लेंगे। इस पर टिप्पणी हुई कि बेली शायद एक लाख डॉलर के लिए आई हैं, दाढ़ी के लिए नहीं।

इसी बीच किन्सली का एक शॉट चूका। इसके बाद किन्सली ने बेली से कहा कि बस तोमर को शूट करो, वे भी तोमर को ही शूट करेंगी। बेली ने तोमर से माफ़ी माँगी, कहा कि वे बहुत अच्छे इंसान हैं और उनसे मिलकर खुशी हुई, और याद दिलाया कि यह बस एक खेल है। यह शॉट बेली का पहला सफल निशाना था और इससे तोमर बाहर हो गए। तोमर के आखिरी शब्द थे, "लम्बी और अच्छी ज़िंदगी जियो।"

आखिरी मुकाबला: बेली बनाम किन्सली

अब बेली के दो दिल बचे थे और किन्सली का एक। किन्सली ने "लव यू, बेली" कहते हुए कहा कि वे समझती हैं कि यह एक खेल है, और सीधा निशाना लगाया। स्कोर बराबर हो गया, अब दोनों के पास एक-एक दिल था। किन्सली ने कहा कि उनकी धड़कन तेज़ चल रही है और वे बस एक और मौका चाहती हैं। उन्होंने बेली से यह भी कहा कि अगर बेली चूकीं तो वे नहीं चूकेंगी।

बेली के लिए यह आखिरी मौका था और उन्होंने किन्सली का आखिरी दिल तोड़ दिया। जीत के बाद बेली की पहली प्रतिक्रिया थी, "मॉम और डैडी, मैंने कुछ तोड़ा है।" गिराए जाने से पहले किन्सली ने कहा कि उन्हें बेली पर गर्व है, बेली ने यह जीत कमाई है और वे इसकी हकदार हैं।

सौ लोगों से शुरू हुआ खेल बेली की जीत के साथ खत्म हुआ। पूरे फाइनल में उनका निशाना कई बार चूका था, और इसी पर टिप्पणी हुई कि "बुरे निशाने के लिए पूरे एक लाख डॉलर"। होस्ट ने बेली से बस इतना कहा कि बेहोश मत होना, और बेली ने भरोसा दिलाया कि वे ठीक हैं।