माया सभ्यता के मंदिरों, गुफाओं और कुकुलकन तक: 100 घंटे की खोज यात्रा

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अवलोकन

इस वीडियो में जिमी और उनके साथी नोलन और तारेक को जंगल के बीच एक 2,000 साल पुराने मंदिर पर हेलीकॉप्टर से उतारा जाता है। टीम के पास 100 घंटे हैं। इस दौरान उन्हें दर्जनों प्राचीन माया मंदिर, गुफाएँ और सुरंगें देखनी हैं। वीडियो के अनुसार इनमें कई ऐसी जगहें हैं जिन्हें "मायन्स नहीं चाहते थे कि कोई देखे", और आख़िर में दुनिया के सात अजूबों में गिने जाने वाले कुकुलकन मंदिर तक पहुँचना है। यह यात्रा मज़ाक, डर और खज़ाने की उम्मीद से भरी है। साथ ही गाइड माया मान्यताओं, कला और इतिहास के बारे में बताते चलते हैं। वीडियो मेक्सिको में फ़िल्माया गया है।

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पिरामिड के भीतर पिरामिड: पहले मंदिर की सुरंग

टीम मंदिर की विशाल सीढ़ियाँ देखकर चकित होती है और मज़ाक में वहाँ एस्केलेटर की कमी पर बात करती है। फिर वे मंदिर के अंदर जाने वाले दरवाज़े से एक गहरी सुरंग में उतरते हैं। अंदर सबसे पहले एक विशाल मूर्ति दिखती है। गाइड के अनुसार माना जाता है कि यह जगुआर के मुँह में बैठे मक्का के देवता की मूर्ति है। जिमी इसकी मज़ाकिया व्याख्या करते हैं और एक हिस्से को "टॉयलेट" बताते हैं। गाइड सुधारते हैं कि वह असल में देवता का कान का झुमका है।

गाइड यह भी समझाते हैं कि यह ढाँचा असल में एक पिरामिड के ऊपर बना दूसरा पिरामिड है। इसलिए जैसे-जैसे अंदर जाते हैं, चीज़ें और पुरानी होती जाती हैं। टीम को यह जानकर हैरानी होती है कि सरकार उन्हें यहाँ जाने दे रही है। वीडियो में कहा गया है कि पुरातत्वविदों को भी इस हिस्से में वापस जाने की अनुमति नहीं है।

राजा का अंत्येष्टि मुखौटा

घंटों तक सुरंग में चलने के बाद टीम अंतिम हिस्से तक पहुँचती है। यहाँ गाइड एक "सरप्राइज़" दिखाते हैं: एक अंत्येष्टि मुखौटा, जो उनके अनुसार पिछले दो दशकों में मिला है। गाइड बताते हैं कि यह "सांप साम्राज्य" के एक राजा का चेहरा है। माया लोग ऐसे मुखौटों का इस्तेमाल इसलिए करते थे कि मृत व्यक्ति अंडरवर्ल्ड की यात्रा में ख़तरों से बचा रहे। यह मुखौटा 1,000 साल से भी ज़्यादा पुराना बताया गया है।

जिमी मुखौटे को हाथ में लेते हैं और फिर ख़ुद ही सवाल उठाते हैं कि यह किसी संग्रहालय में क्यों नहीं है और एक यूट्यूबर इसे क्यों पकड़े हुए है। घबराकर वे उसे तुरंत लौटा देते हैं। फिर मज़ाक में कहते हैं कि "किसी को मत बताना", यानी वे इसे 20 करोड़ लोगों को बिल्कुल नहीं दिखाएँगे।

जंगल में रात और प्राचीन शहर की पुनर्कल्पना

इस मंदिर के बाद टीम बताती है कि वे एक विशाल प्राचीन शहर के बीच हैं, जहाँ कई और मंदिर हैं। उनके अनुसार जंगल बंदरों और सांपों से भरा है और यहाँ जगुआरों की वजह से लोगों की मौत भी हुई है। पहली रात वे झूलों वाले कैंप में बिताते हैं।

अगली सुबह वे इस "छोड़े हुए शहर" के बाकी हिस्से देखते हैं। आज के खंडहर देखकर इसके असली रूप की कल्पना करना मुश्किल है, इसलिए वीडियो में शहर का एक पुनर्निर्मित रूप दिखाया जाता है। उसमें चारों ओर मंदिर हैं और सड़कों का अनुमानित रूप दिखता है। वीडियो के अनुसार इस शहर में 1,00,000 से ज़्यादा लोग रहते थे।

इमारतों के अंदर पुरानी पेंटिंग्स भी मिलती हैं। जिमी कहते हैं कि इन वीडियो का उनका पसंदीदा हिस्सा पुरानी पेंटिंग्स को "जीवन में लाना" है। टीम अपने अनुमान के आधार पर इन चित्रों का एनिमेटेड रूप दिखाती है और इसे 2,500 साल पहले के एक माया व्यक्ति के जीवन की दुर्लभ झलक बताती है। इसी दौरान नोलन का मज़ाक उड़ता है कि एक चित्र को उन्होंने लामा समझ लिया था। बदले में नोलन तारेक को एक मकड़ी से डराते हैं।

बॉल कोर्ट, राजमहल और छिपे खज़ाने की तलाश

टीम उस जगह पर खड़ी होती है जहाँ 2,000 साल पहले एक गेंद का कोर्ट था। वीडियो में दावा किया गया है कि यह गेंद वाला पहला टीम खेल था और, जितना ज्ञात है, हारने वाली टीम के कप्तान का सिर काट दिया जाता था।

इसके बाद वे राजा और रानी के निवास वाले विशाल महल को देखते हैं। पुनर्निर्मित दृश्य दिखाकर बताया जाता है कि यहाँ बड़ी भीड़ जमा होती थी और लोग राजा को देखने के लिए घंटों इंतज़ार करते थे। टीम का अनुमान है कि राजा शायद यहीं से खेल देखता होगा। महल का भीतरी हिस्सा भूलभुलैया जैसा है। बातचीत में इसकी वजह यह बताई जाती है कि राजा की रक्षा के लिए दुश्मन को भटकाना ज़रूरी था।

जिमी मज़ाक में गाइड अर्नेस्टो से पूछते हैं कि क्या किसी ने दीवार के पत्थर दबाकर देखा है कि कहीं कोई छिपा खज़ाना तो नहीं खुलता। गाइड का जवाब है कि ऐसा कमरा शायद हो, लेकिन वह छिपा हुआ है।

चमगादड़ों की गुफा और मशालों वाली निराश रात

राजा के खज़ाने की उम्मीद में टीम जंगल की एक गहरी गुफा में जाती है, लेकिन वहाँ हज़ारों चमगादड़ मिलते हैं। वीडियो के अनुसार माया लोग ऐसी गुफा को धरती के राक्षस का मुँह मानते थे। टीम मज़ाक करती है कि अगर यहाँ कोई खज़ाना है तो वह चमगादड़ों के मल के नीचे दबा होगा। नोलन के हाथ पर गंदगी गिरती है और टीम जल्दी बाहर निकल आती है। उनका निष्कर्ष है कि यहाँ "बिल्कुल भी खज़ाना नहीं है"।

अंधेरा होने पर वे मशालें जलाकर एक और मंदिर की ओर निकलते हैं, जहाँ खज़ाना होने की संभावना बताई गई थी। मशालों की रोशनी में यह सफ़र रोमांचक लगता है, पर वहाँ पहुँचकर रास्ता बंद मिलता है और हर तरफ़ "डेड एंड" है। वीडियो ख़ुद मानता है कि यहाँ आना बेकार रहा। लौटते समय अंधेरे में कुछ हलचल होती है। वह बंदर था या जगुआर, टीम तय नहीं कर पाती।

नई जगह: "अंडरवर्ल्ड का द्वार"

अगली सुबह जिमी बताते हैं कि यह शहर पूरे वीडियो का हिस्सा नहीं है। हेलीकॉप्टर से टीम आगे ले जाई जाती है, जहाँ वीडियो के अनुसार कुछ सबसे प्राचीन अवशेष हैं। पहली जगह वह है जिसे माया लोग "अंडरवर्ल्ड का द्वार" कहते थे। गाइड बताते हैं कि पुराने समय में यहाँ विशाल दाँत बने थे, जो अब गिर चुके हैं। बीच की एक इमारत को जिमी अनुमान से बलिदान का मंदिर बताते हैं और गाइड इसकी पुष्टि करते हैं।

जीवन का पेड़: अनुष्ठान और पवित्र गुफा

गाइड सबसे ज़्यादा जो जगह दिखाना चाहते थे, वह एक गुफा है। उनके अनुसार माया लोग मानते थे कि मानवता इसी गुफा से आई। गुफा की गहराई में "जीवन का पेड़" है, जिससे सभी मनुष्यों की उत्पत्ति मानी जाती थी। यह जगह इतनी पवित्र बताई जाती है कि अंदर जाने से पहले एक समारोह होता है, ताकि गुफा की आत्माओं से अनुमति माँगी जा सके। गाइड गुफा के प्रवेश द्वार को शुद्ध करते हैं। मज़ाक चलता है कि आत्माएँ नोलन को अस्वीकार कर देंगी, पर अंत में घोषणा होती है कि आत्माओं ने अनुमति दे दी है।

गुफा के अंदर गर्मी बढ़ती जाती है। गाइड चेतावनी देते हैं कि जितना गहरे जाएँगे, हवा उतनी पतली होगी और साँस लेना कठिन होगा। टीम के सदस्य पसीने से भीग जाते हैं। वीडियो में दोहराया जाता है कि माया लोगों ने इस हिस्से को सील करने की कोशिश की थी।

अंत में एक विशाल कक्ष आता है, जहाँ "जीवन का पेड़" दिखता है। यह कोई असली पेड़ नहीं, बल्कि गुफा की एक संरचना है। गाइड इसे आसमान को थामने वाला पवित्र सीबा बताते हैं। इसके आसपास रखे बर्तन माया लोगों के बनाए हुए हैं। गाइड के अनुसार ऊँचे बर्तनों में धूप जलाई जाती थी ताकि देवताओं का ध्यान आकर्षित हो। जिमी कहते हैं कि अगर कोई सचमुच मानता हो कि इंसान यहीं से आए, तो समझ आता है कि यह जगह इतनी पवित्र क्यों मानी गई।

ऑक्सीजन टैंक के साथ और गहराई में

आगे का हिस्सा और ख़तरनाक बताया जाता है, जहाँ साँस लेने के लिए ऑक्सीजन टैंक की ज़रूरत पड़ेगी। गाइड के अनुसार वे लगभग दो फ़ुटबॉल मैदान जितनी गहराई तक जाएँगे। नोलन पहले ऊपर रुकने की बात कहते हैं। रास्ते में एक सदस्य को चक्कर आता है और उसे ऑक्सीजन दी जाती है।

वहाँ मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े मिलते हैं। जिमी एक टुकड़ा घर ले जाने की बात करते हैं तो गाइड साफ़ कहते हैं कि इसके लिए जेल हो सकती है। सुरंग में फिर चमगादड़ मिलते हैं। अंतिम हिस्से में दीवार पर एक बहुत बड़ी मकड़ी दिखती है, जिसे टीम "दुनिया की सबसे बड़ी मकड़ी" और गुप्त सुरंग का "अंतिम बॉस" कहती है। वे आगे बढ़ने के बजाय लौट आते हैं और, वीडियो के शब्दों में, सुरंग को उसके रहस्य रखने देते हैं।

पिट्ज़: बिना हाथों वाला प्राचीन खेल

चौथे दिन टीम यह जानना चाहती है कि माया लोग मनोरंजन के लिए क्या करते थे। वीडियो के अनुसार 3,000 साल पहले माया लोगों ने "पिट्ज़" नाम का खेल बनाया था। इसमें बास्केटबॉल की तरह गेंद को एक छोटे छल्ले से पार कराकर अंक बनते हैं, लेकिन फ़ुटबॉल की तरह हाथ इस्तेमाल करना मना है। हारने वाले कप्तान का सिर काटे जाने की बात यहाँ फिर दोहराई जाती है।

टीम धीरे-धीरे गेंद पर काबू पाने लगती है, पर स्कोर करना बहुत दूर रहता है। मदद के लिए कैमरामैन को भी बुलाया जाता है, फिर भी लगातार असफलता मिलती है। संपादित हिस्से से यह साफ़ नहीं होता कि अंत में कोई अंक बना या नहीं। खेल के बीच नोलन हार मान लेते हैं। थकने के बाद टीम पास के एक ठंडे तालाब में तैरने जाती है।

माया भोजन

आख़िरी रात के लिए टीम को "क्लासिक माया डिनर" परोसा जाता है। वीडियो के अनुसार यह वैसा ही भोजन है जैसा माया लोग 1,000 साल पहले खाते थे। टीम याद दिलाती है कि माया लोग मक्का के देवता की पूजा करते थे और मक्का टॉर्टिला की मुख्य सामग्री है। जिमी मज़ाक में संपादक से पूछते हैं कि क्या टाको माया लोगों का आविष्कार था, पर वीडियो में इसका कोई जवाब नहीं दिया जाता।

कुकुलकन मंदिर: ताली की गूँज और खाली कमरा

यात्रा के आख़िरी घंटों में टीम कुकुलकन मंदिर पहुँचती है। वीडियो इसे दुनिया के सात अजूबों में से एक बताता है। जिमी के अनुसार यह आंशिक रूप से अपने विशाल आकार के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इसकी ध्वनि के लिए भी। इसके सामने ताली बजाने पर ऐसी गूँज लौटती है जैसे "लेज़र" की आवाज़ वापस आ रही हो। वीडियो में यह प्रयोग करके दिखाया जाता है।

उनका असली लक्ष्य पिरामिड की चोटी पर बना मंदिर है। वीडियो के अनुसार स्थानीय लोगों के लिए यह इतना पवित्र है कि वहाँ कोई नहीं जा सकता। जिमी कहते हैं कि संस्कृति और इसे पवित्र मानने वाले लोगों के सम्मान में टीम मंदिर को छूएगी नहीं। इसके बजाय अंदर झाँकने के लिए ड्रोन उड़ाया जाता है।

ड्रोन से पता चलता है कि कमरा खाली है। वीडियो की व्याख्या के अनुसार 500 साल पहले स्पेनिश लोग यहाँ आए और अंदर से बहुत सारी चीज़ें ले गए। इसके बाद इतिहासकारों के अनुमान के आधार पर मंदिर का वह रूप दिखाया जाता है जैसा वह चोरी से पहले रहा होगा।

अंत: खज़ाना नहीं मिला

पूरी यात्रा में कई बार खज़ाने की उम्मीद जगी, पर हर बार कुछ नहीं मिला: चमगादड़ों वाली गुफा में केवल मल था, मशालों वाला मंदिर बंद रास्ते पर ख़त्म हुआ, गुप्त सुरंग के अंत में मकड़ी थी और कुकुलकन का कमरा खाली निकला। जिमी आख़िर में मानते हैं कि टीम को कोई सोना नहीं मिला। फिर भी वे आभार जताते हैं कि उन्हें इन प्राचीन स्मारकों को देखने और दर्शकों के साथ साझा करने का मौक़ा मिला।