इंसान बनाम जानवर: सात मुकाबले, और आख़िर में चीता बनाम फ़ॉर्मूला ई कार

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अवलोकन

इस वीडियो में MrBeast (जिमी) कुछ सवालों के जवाब ढूँढने निकलते हैं। क्या चीता दुनिया की सबसे तेज़ कारों में से एक को हरा सकता है? क्या कोई इंसान भालू का सामना कर सकता है? क्या टाइगर वर्ल्ड रिकॉर्ड हाई जंपर से ऊँचा कूद सकता है? इसके लिए वे इंसान और जानवर के बीच कई चैलेंज रखते हैं। इनमें ताकत, छलांग, फुर्ती, कुश्ती, कला, छुपने की क्षमता और रफ़्तार की परीक्षा होती है। आख़िरी और सबसे बड़ा मुकाबला चीते और फ़ॉर्मूला ई कार के बीच है।

11 मिनट में पढ़ें

पहला मुकाबला: दुनिया का सबसे ताकतवर आदमी बनाम शेर

शुरुआत रस्साकशी से होती है। एक तरफ़ "दुनिया का सबसे ताकतवर आदमी" ब्रायन है, दूसरी तरफ़ 227 किलो का शेर। जिमी बताते हैं कि ब्रायन एक असली प्लेन तक खींच चुके हैं। फिर भी शुरुआत में शेर अपनी जगह से हिलता तक नहीं। बीच में शेर घूमकर मुँह मोड़ लेता है, और जिमी को लगता है कि वह ब्रायन को थका रहा है।

कुछ देर ब्रायन संघर्ष करते दिखते हैं। फिर वे धीरे-धीरे शेर को खींचने लगते हैं। सिर्फ़ तीन फ़ीट बचे होने पर टीम उनका हौसला बढ़ाती है, और आख़िर में ब्रायन जीत जाते हैं। जिमी बताते हैं कि यह सात चैलेंज में से पहला है, जिनमें इंसान और जानवर की क्षमता की तुलना होगी।

दूसरा मुकाबला: वर्ल्ड रिकॉर्ड हाई जंपर बनाम टाइगर

अगले प्रतियोगी डेरियस हैं। जिमी उन्हें दुनिया का सबसे ऊँचा कूदने वाला इंसान बताते हैं, जिनके नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड है। जिमी के शब्दों में, दुनिया के 8 अरब लोगों में कोई उनसे ऊँचा नहीं कूद सकता। उनका मुकाबला लूना से है, जिसे मीट दिखाकर कूदने के लिए लुभाया जाता है। लूना की छलांग देखकर सब हैरान रह जाते हैं।

इसके बाद जिमी शर्त और कड़ी कर देते हैं। वे कहते हैं कि अगर डेरियस को टाइगर से ऊँचा कूदना है तो अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर दिखाएँ। इसलिए वे निशाना 10 फ़ीट 9 इंच पर नहीं, बल्कि 12 फ़ीट 3 इंच पर रखते हैं, जो डेरियस के रिकॉर्ड से ठीक एक इंच ज़्यादा है। डेरियस आत्मविश्वास से कहते हैं कि यह मुश्किल नहीं लगता। जिमी खुले तौर पर कहते हैं कि उन्हें शक है, और यह इंसानों के बस की बात नहीं लगती।

डेरियस यह छलांग पूरी कर लेते हैं। जिमी कहते हैं कि उन्होंने इतिहास की सबसे ऊँची छलांग लगाई है। डेरियस का जवाब है कि उन्हें लगता है वे इससे भी ऊँचा कूद सकते हैं। इस तरह दो मुकाबलों के बाद इंसान 2-0 से आगे हैं। जिमी कहते हैं कि अब जानवरों को जीतना शुरू करना होगा।

तीसरा मुकाबला: तीन बुल्स के बीच से पैसे उठाना

तीसरा चैलेंज बुल एरीना में है, जहाँ बुल राइडर बबा हिस्सा लेते हैं। नियम यह है कि तीन मिनट में बबा को पैसों से भरे बैग उठाकर एरीना के दूसरे कोने की बकेट में डालने हैं। इस दौरान तीन बुल्स उनका पीछा करेंगे। बकेट में डाला गया सारा पैसा बबा का होगा।

बुल्स छूटते ही सीधे बबा की ओर बढ़ते हैं। उनकी टोपी गिर जाती है, फिर भी वे जल्दी ही 10,000 डॉलर जमा कर लेते हैं। एक समय बुल्स जिमी और टीम की तरफ़ भी मुड़ जाते हैं, जिससे वहाँ अफ़रा-तफ़री मच जाती है। जिमी बताते हैं कि हर बुल करीब 680 किलो का है। इसके बावजूद बबा हँसते रहते हैं, और एक बार ऐसा लगता है जैसे वे बुल के सिर पर हाथ रखने वाले हैं। जिमी की राय में बबा ने यह चैलेंज बहुत आसानी से पूरा किया। उन्होंने 50,000 डॉलर जीते और कहा कि इन पैसों से शायद नया ट्रक लेंगे। जिमी इससे सबक निकालते हैं कि ऐसे स्टंट को प्रोफ़ेशनल्स ही करें।

चौथा मुकाबला: सूमो रेसलर या ग्रिज़ली भालू

चौथे चैलेंज में निक आते हैं। जिमी याद दिलाते हैं कि निक पहले दुनिया के सबसे तेज़ इंसान नोआ लायल्स से दौड़ चुके हैं, और एक मील की बढ़त मिलने के बावजूद हार गए थे। इस बार उन्हें 1 लाख डॉलर जीतने का "दूसरा मौका" दिया जाता है। शर्त यह है कि उन्हें एक मिनट तक रिंग में दो विकल्पों में से किसी एक के साथ रहना है।

पहला विकल्प है रामी, 227 किलो के प्रोफ़ेशनल सूमो रेसलर। दूसरा विकल्प है टॉम नाम का ग्रिज़ली भालू। जिमी चेतावनी देते हैं कि भालू को मासूम न समझें, क्योंकि वह सिर्फ़ अपने पंजों से इंसान को चीर सकता है। निक साफ़ कहते हैं कि वे भालू के पास वापस नहीं जाएँगे, और सूमो रेसलर को चुनते हैं। निक को बचाने के लिए जिमी एक असली सूमो कोच भी लाते हैं, जो उन्हें घुटने मोड़ने और पैर सरकाने जैसी बुनियादी बातें सिखाता है।

नियम यह है कि निक को एक मिनट तक लाल घेरे के अंदर रहना है। समय से पहले बाहर धकेले गए तो सब कुछ हार जाएँगे। मुकाबला शुरू होते ही रामी पूरी तरह हावी हो जाते हैं। जिमी कहते हैं कि रामी के लिए यह बस एक खेल है और वे निक के साथ खेल रहे हैं। निक चिल्लाते हैं कि उनका दम घुट रहा है। बीस सेकंड बीतते हैं, फिर आख़िरी पाँच सेकंड की गिनती शुरू होती है। ठीक अंत में निक लाइन के बाहर चले जाते हैं। जिमी के मुताबिक, समय खत्म होने से पहले ही निक ने साइड पकड़कर हाथ बाहर बढ़ा दिया था।

जिमी चुटकी लेते हैं कि निक पहले धरती के सबसे तेज़ इंसान से हारे और अब दुनिया के सबसे बेहतरीन सूमो रेसलर से। फिर कहते हैं कि उन्हें बुरा लग रहा है, और हार के बावजूद निक को 10,000 डॉलर दे देते हैं।

पाँचवाँ मुकाबला: कॉमेडियन बनाम पेंटिंग करने वाली हथिनी

अगले चैलेंज के लिए जिमी कॉमेडियन ट्रेवर वॉलेस को बुलाते हैं। उनका मुकाबला इस्ला से है, जिसे जिमी "दुनिया की सबसे बेहतरीन पेंटिंग करने वाली हथिनी" बताते हैं। दोनों के पास अपनी पसंद की पेंटिंग बनाने के लिए दस मिनट हैं। जिसकी पेंटिंग बेहतर होगी, उसकी कलाकृति एक असली म्यूज़ियम में लगाई जाएगी।

इस्ला इतनी उत्सुक है कि उसे पहले शुरुआत करने दी जाती है। ट्रेवर पूछते हैं कि क्या पेंट करें, और जिमी कहते हैं "एक बड़ा स्कूल"। पूरे दौर में ट्रेवर मज़ाक करते रहते हैं। वे शिकायत करते हैं कि हाथी को खाना मिल रहा है और उन्हें कुछ नहीं। आख़िरी मिनटों में वे बॉब रॉस वाली विग पहन लेते हैं। उनकी पेंटिंग बिगड़ती जाती है। जिन्हें ईंटें बनना था वे खिड़कियाँ बन जाती हैं, और अंत में ब्रश भी गिर जाता है। जिमी कहते हैं कि ट्रेवर अपनी पेंटिंग पूरी नहीं कर पाए। जिमी यह भी बताते हैं कि चैनल पर पहली बार कोई हाथी पेंटिंग कर रहा है, इसलिए इस्ला की पेंटिंग अंत तक छुपाकर रखी जाती है।

फ़ैसले के लिए एक जज बुलाया जाता है, जिनके पास जिमी के अनुसार पेंटिंग जज करने का 30 साल का अनुभव है। जज ट्रेवर की पेंटिंग को 10 में से 2 अंक देते हैं। उनके मुताबिक यह बचकानी लगती है, जैसे कोई अपने अंदर के बच्चे से जुड़ने की कोशिश कर रहा हो। इस्ला की पेंटिंग देखकर ट्रेवर कहते हैं कि यह ऐसी लगती है जैसे किसी जोकर ने उल्टी कर दी हो। जज की राय अलग है। उन्हें इसमें खुशी की भावना दिखती है, और लगता है कि कलाकार अपने असली रूप में सच्चा है। वे इसे 10 में से 8 अंक देते हैं। वादे के मुताबिक इस्ला की पेंटिंग एक असली आर्ट म्यूज़ियम में लगाई जाती है। जिमी हँसते हुए कहते हैं कि शायद वहाँ के लोगों को पता ही नहीं कि यह पेंटिंग एक हाथी ने बनाई है।

छठा मुकाबला: सैनिक बनाम सर्च डॉग्स

छठे चैलेंज में जिमी उन लोगों को लाते हैं जिन्हें वे "दुनिया के सबसे बेहतरीन सोल्जर" कहते हैं। जिमी पूछते हैं कि अगर वे सामने खड़े हों तो ये लोग उन्हें कितनी देर में मार गिराएँगे। जवाब मिलता है: 30 सेकंड। इन सैनिकों को एक बड़े जंकयार्ड में ओडिन और दूसरे सर्च डॉग्स से छुपना है। जिमी ओडिन को दुनिया के सबसे अच्छे सर्च डॉग्स में से एक बताते हैं। डॉग हैंडलर का अंदाज़ा है कि सैनिक करीब पाँच मिनट टिक पाएँगे। शर्त यह है कि अगर कोई भी सुबह तक नहीं पकड़ा गया, तो बचे हुए लोग मिलकर 50,000 डॉलर जीतेंगे। छुपने के लिए दस मिनट दिए जाते हैं।

जिमी इस मुकाबले को दो तरह की ट्रेनिंग की टक्कर के रूप में पेश करते हैं। एक तरफ़ ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपनी आधी ज़िंदगी दुश्मनों से बचने में बिताई। दूसरी तरफ़ ऐसे कुत्ते हैं जिन्हें बचपन से इंसानों को सूंघकर ढूँढने की ट्रेनिंग मिली है। जिमी कहते हैं कि अगर सैनिक सुबह तक बच गए तो उन्हें हैरानी होगी।

सैनिक अलग-अलग रणनीतियाँ अपनाते हैं। जॉनी जानबूझकर कई गाड़ियों से टकराते हुए ज़िगज़ैग चलते हैं ताकि हर जगह उनकी गंध रहे और एक झूठी ट्रेल बन जाए। कार्लोस को पानी मिल जाता है और वे खुद को उसमें डुबो देते हैं ताकि उनकी गंध छुप जाए। जिमी बताते हैं कि ज़्यादातर लोगों की रणनीति एक जैसी थी: पहले कुत्तों को भटकाओ, फिर किसी कार में छुप जाओ। एक सैनिक ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना। वे खेल के इलाके के इकलौते पेड़ पर करीब 50 फ़ीट ऊपर चढ़ गए। उनका तर्क था कि वहाँ हवा तेज़ है और वे ज़मीन पर नहीं हैं, इसलिए कुत्ता उनकी गंध नहीं पकड़ पाएगा।

तलाश के दौरान हैंडलर समझाते हैं कि कुत्ते का व्यवहार देखना होता है, क्योंकि गंध मिलने पर उसकी नाक ऊपर उठती है। उनके मुताबिक कुत्ते की नाक जितनी लंबी होती है, उसमें उतने ज़्यादा "ऑलफैक्टर्स" होते हैं। साथ ही इलाका बड़ा है, इसलिए कुत्ते को यह तय करना पड़ता है कि कौन-सी गंध छुपे इंसान की है और कौन-सी किसी ऐसे की जो बस वहाँ से गुज़रा था।

सेज नाम का कुत्ता पहला सैनिक ढूँढ लेता है। जिमी का अनुमान है कि सेज ने शायद 400-500 कारें जाँचीं और सिर्फ़ उसी एक कार पर भौंका जिसमें सैनिक छुपा था। जल्दी ही एक वैन में दूसरा सैनिक भी पकड़ा जाता है। इसके बाद तलाश मुश्किल हो जाती है। एक मरीन के बेहद करीब से हैंडलर और सेज गुज़र जाते हैं, पर उसे पकड़ नहीं पाते। एक जगह कुत्ते ने गंध पकड़ी, लेकिन वहाँ सिर्फ़ किसी का फेंका हुआ रेड बुल का कैन मिला। हैंडलर इसे "फ़ॉल्स फाइंड" कहते हैं: कोई वहाँ आया था और फिर चला गया। जिमी के शब्दों में, उनकी चाल काम कर गई।

कुत्ते पूरी रात ढूँढते रहते हैं। सुबह 5:30 बजे तक करीब तीन लोग बचे होते हैं। चैलेंज खत्म होने से कुछ ही पल पहले एक ट्रक के पीछे एक और सैनिक पकड़ा जाता है। समय पूरा होने पर दो सैनिक अपनी छुपने की जगह से बाहर आते हैं और 50,000 डॉलर उनके हिस्से आते हैं। सैनिकों के पाँच मिनट से ज़्यादा न टिकने वाला अंदाज़ा पूरी तरह ग़लत निकलता है।

आख़िरी मुकाबला: चीता बनाम तीन गाड़ियाँ

अंतिम चैलेंज में चीता मिली दौड़ती है। जिमी उसे धरती का सबसे तेज़ जानवर बताते हैं और कहते हैं कि इंसानों को उसकी बराबरी करने के लिए फ़ॉर्मूला ई कार चाहिए। इसलिए वे एक नहीं, तीन गाड़ियाँ लाते हैं।

पहली रेस गोल्फ़ कार्ट से होती है, और इसमें कोई मुकाबला नहीं होता। चीता पलक झपकते आगे निकल जाती है और रेस पूरी कर लेती है, जबकि गोल्फ़ कार्ट अभी आधे रास्ते में है। जिमी मानते हैं कि उन्हें पहले से पता था कि गोल्फ़ कार्ट चीते को नहीं हरा सकती।

दूसरी रेस मिनिवैन से होती है, जिसे जिमी मज़ाक में "ऑटोमोबाइल इतिहास की सबसे खूबसूरत कारों में से एक" कहते हैं। जिमी एक्सेलरेटर पूरा दबाते हैं, फिर भी गाड़ी रफ़्तार नहीं पकड़ती और चीता आगे निकल जाती है। फिर एक अजीब बात होती है: मिली फ़िनिश लाइन से ठीक पहले रुक जाती है। टीम कहती है कि वह उनसे मज़ाक कर रही है, या शायद उसे उन पर तरस आ गया।

रेस के बीच का ब्रेक और जानवरों की देखभाल

फ़ॉर्मूला ई कार वाली रेस से पहले टीम मिली को ब्रेक देती है ताकि वह ज़्यादा गर्म न हो जाए और बहुत थक न जाए। इसी दौरान जिमी और उनके साथी मिली के पास जाते हैं और उसे छूते हैं। नोलन को रोका जाता है, क्योंकि उनका छूना मिली को अच्छा नहीं लगा। चीता ज़ोर से प्यारी आवाज़ निकालती है, और टीम इसका मतलब यह बताती है कि उसे वे लोग अच्छे लगे।

यहीं जिमी बताते हैं कि उन्होंने अमेरिकन ह्यूमेन सोसाइटी के साथ पार्टनरशिप की थी, जो शूटिंग के दौरान सभी जानवरों के साथ अच्छे व्यवहार को सुनिश्चित करती है। उनके मुताबिक आज धरती पर 8,000 से कम चीते बचे हैं, इसलिए उनके लिए ज़रूरी था कि इन दुर्लभ जानवरों की सेट पर अच्छी देखभाल हो।

फ़ाइनल रेस: फ़ॉर्मूला ई कार की जीत

आख़िर में वह रेस होती है जिसे जिमी इंसान बनाम जानवर की अंतिम टक्कर कहते हैं। सवाल है कि क्या चीता फ़ॉर्मूला ई कार से तेज़ भाग सकती है। रेस बहुत तेज़ी से खत्म होती है और कार चीते को पीछे छोड़ देती है।

जिमी कहते हैं कि मिली भले नहीं जीती, पर यह सोचकर ही हैरानी होती है कि एक चीता फ़ॉर्मूला ई वर्ल्ड चैंपियनशिप में इस्तेमाल होने वाली कार को इतनी टक्कर दे सकती है। इसके बाद वे चीतों के संरक्षण की बात करते हैं। उनके अनुसार जब एक सदी से भी पहले पहली कार बनी थी, तब जंगलों में एक लाख से ज़्यादा चीते थे। आज 8,000 से भी कम बचे हैं। जिमी कहते हैं कि इस प्रजाति को विलुप्त होने से बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है, ताकि ये जानवर हमें अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहें। वीडियो उनकी इस बात पर खत्म होता है कि वे मिली जैसे प्यारे जानवर से पहले कभी नहीं मिले।