जमैका से कोलंबिया तक: MrBeast की टीम ने 100 घर बनाकर परिवारों को कैसे सौंपे

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अवलोकन

इस वीडियो का दावा सीधा है: टीम 100 घर बनाकर उन्हें ऐसे परिवारों को मुफ़्त में दे रही है जिनके पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है। प्रस्तुतकर्ता के अनुसार हर घर "एक परिवार का जीवन बदल देगा।" वीडियो जमैका से शुरू होता है और फिर दूसरे देशों में होते हुए कोलंबिया में सौवें घर तक पहुँचता है। हर घर को एक सरप्राइज़ की तरह सौंपा जाता है। परिवारों की आँखों पर पट्टी बाँधी जाती है, उन्हें नए घर के सामने खड़ा किया जाता है, और पट्टी हटते ही उनकी प्रतिक्रिया कैमरे पर दर्ज होती है।

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पहला घर: बंक बेड का सपना

पहले परिवार को पता नहीं था कि उनके लिए घर बनाया गया है। पट्टी हटाकर उन्हें पीछे घूमने को कहा जाता है। प्रतिक्रिया देखकर प्रस्तुतकर्ता कहते हैं कि उन्हें "इस रिएक्शन की उम्मीद नहीं थी।" घर के अंदर एक बेडरूम है। परिवार की ओर से कहा जाता है कि उन्हें हमेशा से एक बंक बेड चाहिए था और "आज मेरा सपना पूरा हुआ।" वीडियो में बताया जाता है कि यह उन 100 घरों में से पहला है।

जमैका की स्थिति और लाखों डॉलर का खर्च

प्रस्तुतकर्ता बताते हैं कि इन घरों का मकसद उन लोगों की ज़िंदगी सुधारना है जिनके पास सुरक्षित ठिकाना नहीं है। उनके मुताबिक़ टीम ने सिर्फ़ इस वीडियो के घरों पर लाखों डॉलर खर्च किए हैं। इसकी वजह वे यह बताते हैं कि जमैका में 5,00,000 से ज़्यादा लोग मुश्किल और ख़तरनाक परिस्थितियों में रह रहे हैं। यह आँकड़ा वीडियो में कहा गया है और इसका कोई स्रोत नहीं बताया गया।

पहाड़ की चोटी पर खुद बनाया घर

अगले परिवार का घर इतना असुरक्षित और अस्थिर बताया गया कि वह "किसी भी समय उन पर गिर सकता है।" बातचीत में पता चलता है कि परिवार के सदस्य ने यह घर खुद बनाया था। बोर्ड और बाकी सामान पहाड़ की चोटी तक वे अपने सिर पर ढोकर लाए थे।

टीम ने परिवार को घूमने के बहाने बाहर भेजा ताकि वह अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर उनका नया घर बना सके। लौटने पर बताया गया कि बाहर भेजना "बस एक बहाना था।" परिवार के पास फ़र्नीचर नहीं था, इसलिए नया घर फ़र्नीचर से भर दिया गया। बिजली के साथ पानी की टंकी लगाई गई। दो बच्चों के कमरे में बंक बेड लगाए गए, और हॉलवे के पार माता-पिता के बेडरूम में नए बच्चे के लिए क्रिब रखा गया। परिवार की ओर से कहा गया कि वक्त बहुत मुश्किल था और इस मदद ने ज़िंदगी बदल दी। इसके बाद उन्हें घर के आधिकारिक कागज़ात सौंपे गए।

टपकती छत वाला घर

प्रस्तुतकर्ता यह भी मानते हैं कि इनमें से कुछ परिवारों की रहने की जगहें बहुत असुरक्षित हैं और कुछ मामलों में जान का ख़तरा भी है। एक उदाहरण में बच्चों की माँ बताती हैं कि छत काम नहीं करती। बारिश में हर जगह पानी टपकता है, बच्चे भीग जाते हैं और सो नहीं पाते। प्रस्तुतकर्ता कहते हैं कि आज के बाद ऐसा नहीं होगा और उन्हें नए घर की चाबी देते हैं।

बाढ़ वाली नदी और एक साथ बसाया गया समुदाय

अगले पड़ाव पर एक नदी है। वीडियो के अनुसार यह नदी हर साल सैकड़ों घर नष्ट कर देती है। बरसात में अचानक बाढ़ आती है और घरों के साथ अंदर फँसे लोगों को भी बहा ले जाती है। सबूत के तौर पर नदी किनारे पड़ा एक फ्रिज दिखाया जाता है। प्रस्तुतकर्ता के मुताबिक़ वह वहाँ तभी पहुँच सकता है जब किसी का घर उजड़ा हो। स्थानीय व्यक्ति इसकी पुष्टि करते हैं कि बाढ़ उन घरों को आसानी से नष्ट कर सकती है जिनमें अभी परिवार रह रहे हैं।

इसके जवाब में टीम ने कुछ ही मील दूर इस समुदाय के लिए कई नए घर बनाए। शुरुआत मरिया और उनकी बेटी से हुई। उनका पिछला घर बरसात में नदी की वजह से पूरी तरह नष्ट हो गया था और उनके पास सोने के लिए बिस्तर तक नहीं थे। मरिया कहती हैं कि भगवान ने उन्हें मज़बूत बने रहने में मदद की।

घर दिखाते समय टीम को एहसास हुआ कि परिवार को यह पता ही नहीं था कि घर मुफ़्त है। फिर उन्हें बताया गया कि इसके पैसे नहीं देने हैं और "ये सब आपका है।" इसी दौरान थकी हुई माँ पूछती हैं कि क्या वे यहाँ लेट सकती हैं, क्योंकि उन्हें बहुत नींद आ रही है। प्रस्तुतकर्ता कहते हैं, "इसीलिए हम ये वीडियो बनाते हैं।" इसी समुदाय के एक और परिवार में नया बच्चा हुआ था, तो उन्हें क्रिब भी दिया गया।

आठ परिवार, एक साथ

इसके बाद आठ परिवारों को उनके घरों के सामने खड़ा किया गया और सबकी पट्टियाँ एक साथ हटाई गईं। प्रस्तुतकर्ता मज़ाक में कहते हैं, "हम इन्हें किडनैप नहीं कर रहे हैं।" परिवारों में से कोई पूछता है, "सच में ये फ्री है?" कोई "जिम्मी" को नए घर के लिए धन्यवाद देता है। प्रस्तुतकर्ता एक-एक परिवार से पूछते हैं कि घर कैसा लगा।

फ़ुटबॉल का मैदान और Feastables

एक बच्चा सेल्फ़ी माँगता है। जवाब में प्रस्तुतकर्ता कहते हैं कि उनके पास "सेल्फ़ी से भी कुछ बेहतर" है। टीम इस समुदाय को घरों के साथ एक बड़ा, बिल्कुल नया फ़ुटबॉल मैदान भी तोहफ़े में देती है। वहाँ सैकड़ों बच्चे इंतज़ार कर रहे थे और प्रस्तुतकर्ता के अनुसार वे पहली बार ऐसा मैदान देख रहे थे। बच्चों को खेलने का नया सामान भी दिया गया।

प्रस्तुतकर्ता हल्के अंदाज़ में कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि मैदान काफ़ी था या नहीं, क्योंकि बच्चे Feastables माँग रहे थे। एक बच्चा कहता है कि यह Hershey's से बेहतर है, और प्रस्तुतकर्ता इससे सहमति जताते हैं।

अल साल्वाडोर, अर्जेंटीना और मेक्सिको

वीडियो के मुताबिक़ इस समुदाय के बाहर अल साल्वाडोर में भी कई परिवारों को सुरक्षित जगह की सख़्त ज़रूरत थी, इसलिए टीम ने जाते-जाते जितने हो सके उतने घर बनाए। प्रस्तुतकर्ता कहते हैं कि यह अब तक सिर्फ़ आधा सफ़र था।

अर्जेंटीना में एक छोटे समुदाय के लिए एक के बाद एक घर बनाए गए। मकसद यह बताया गया कि वहाँ के हर बच्चे के पास सीखने और बढ़ने के लिए सुरक्षित जगह हो। फिर टीम मेक्सिको गई और वहाँ भी कई समुदायों के लिए घर बनाती रही। इन देशों के बारे में वीडियो में बहुत संक्षेप में बात होती है। कितने घर किस देश में बने, यह नहीं बताया जाता।

कोलंबिया: तूफ़ान से उजड़ा घर

कोलंबिया में टीम को ऐसे लोग मिले जिनके घर भयंकर तूफ़ान में तबाह हो गए थे। जॉन और एना के बारे में प्रस्तुतकर्ता ज़ोर देकर कहते हैं कि वे ऐसे घर में "रहते थे", क्योंकि तूफ़ान ने उसे नष्ट कर दिया। परिवार को नए घर के बारे में पता नहीं था। पट्टी हटने के बाद प्रस्तुतकर्ता कहते हैं कि भले ही वे कुछ न कहें, "आंसू सब बयां कर रहे हैं।" परिवार की ओर से कहा गया कि पहले उनके पास बस आधा-अधूरा कमरा था और अब पूरा घर है।

प्रस्तुतकर्ता बताते हैं कि कोलंबिया में सिर्फ़ जॉन और एना को मदद की ज़रूरत नहीं थी, इसलिए बाकी लोगों के लिए भी घर बनाए गए। इसी हिस्से में वे कहते हैं कि दुनिया में हर किसी को सिर पर सुरक्षित छत का हक़ है।

जब सब ठीक नहीं हुआ: टूटा ताला

प्रस्तुतकर्ता यह भी दिखाते हैं कि हर घर सौंपना इतना आसान नहीं रहा। एक घर पर उनसे गलती से दरवाज़े का ताला टूट गया। फ़र्नीचर अभी बाहर ही पड़ा था, परिवार पहुँच चुका था, और खिड़की पर ग्रिल होने की वजह से अंदर भी नहीं जाया जा सकता था। वे कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।

आख़िर में उन्होंने परिवार के सदस्य से ही कोशिश करने को कहा, और दरवाज़ा खुल गया। इस पर टीम खुद पर हँसती है, "क्या हम बेवकूफ़ हैं?" फिर टीम ने फ़ुर्ती से फ़र्नीचर अंदर रखा। प्रस्तुतकर्ता के अनुसार सबसे ज़रूरी बात यह है कि होसे और उनके परिवार के पास अब अपना घर है।

मोटरसाइकिल और हर बच्चे के लिए साइकिल

टीम को पता चला कि होसे के परिवार का आने-जाने का साधन ख़राब हो गया है, इसलिए उन्हें एक नई मोटरसाइकिल भी दी गई। प्रस्तुतकर्ता बताते हैं कि घर देते-देते उन्होंने ग़ौर किया कि बहुत से लोगों के पास आने-जाने का कोई साधन नहीं है। इसलिए एक ट्रक में भरकर उस गाँव के हर बच्चे के लिए साइकिल लाई गई। बच्चे "थैंक यू मिस्टर बीस्ट" कहते सुनाई देते हैं।

घर नंबर 100 और आगे का इरादा

कोलंबिया में कई घर देने के बाद आख़िरी, सौवाँ घर बचा। उसे भी उसी तरह पट्टी हटाकर सौंपा गया, और परिवार कहता है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा।

अंत में प्रस्तुतकर्ता घर बनाने वाले पार्टनर्स को धन्यवाद देते हैं और दर्शकों को भी। उनका कहना है कि अगर लोग ये वीडियो न देखते तो वे 100 घर कभी नहीं बना पाते। आगे के लिए वे शर्त के साथ एक इरादा रखते हैं: अगर चैनल ऐसे ही बढ़ता रहा, तो भविष्य में वे ऐसे 1,000 घर बनाएँगे।