मिस्टरबीस्ट ने 100 बच्चों की ख्वाहिशें कैसे पूरी कीं, और बचपन के कैंसर से लड़ाई के लिए क्या अपील की

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अवलोकन

इस वीडियो में मिस्टरबीस्ट कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सौ बच्चों की सबसे बड़ी ख्वाहिशें पूरी करने निकलते हैं। उनका तर्क है कि देखने वालों में से ज़्यादातर का बचपन शायद उनके जैसा रहा होगा, लेकिन कई बच्चों का बचपन अपनी जान बचाने की लड़ाई में बीता। वे कहते हैं कि इस वीडियो में ये ख्वाहिशें अकेले वे नहीं, बल्कि बड़े क्रिएटर्स, मशहूर गायक, अवॉर्ड जीत चुके कलाकार और लेब्रॉन जेम्स जैसे खिलाड़ी मिलकर पूरी करेंगे। वीडियो का आख़िरी हिस्सा ख्वाहिशों से आगे बढ़कर ब्लड डोनेशन, कैंसर रिसर्च और दर्शकों से दान की अपील पर ख़त्म होता है।

13 मिनट में पढ़ें
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पहली ख्वाहिश: इलाज पूरा होने का जश्न

सबसे पहली कहानी मैक की है, जिसका कैंसर का इलाज पूरा हो चुका है। इस ख़ुशी में मैक से पूछा जाता है कि ज़िंदगी की एक ख्वाहिश क्या होगी, और जवाब आता है: स्कीइंग। टीम मैक को स्कीइंग पर ले जाती है।

मैक की माँ बताती हैं कि जिस दिन बीमारी का पता चला, मैक ने उनका हाथ पकड़कर कहा था, "मॉम, मुश्किल होगी, पर मैं ठीक हो जाऊँगा।" ढलान पर मिस्टरबीस्ट उससे कहते हैं, "तुमने कर दिखाया!" और बताते हैं कि यह सौ ख्वाहिशों में से बस पहली थी।

रिवर का धमाका और डिज़्नी वर्ल्ड में तीस बच्चे

अगली ख्वाहिश रिवर की थी। वह बस मिस्टरबीस्ट से मिलना चाहता था, लेकिन मिस्टरबीस्ट ने इसे "थोड़ा बड़ा" बनाने का फ़ैसला किया। एक बटन तैयार रखा गया, जिसे दबाते ही बड़ा धमाका होना था। दबाने से पहले दोनों ने माना कि उन्हें घबराहट हो रही है।

इसके बाद मिस्टरबीस्ट कहते हैं कि दुनिया में सबसे ज़्यादा लोग "धरती की सबसे जादुई जगह" जाना चाहते हैं, इसलिए उस दिन पूरा डिज़्नी वर्ल्ड तीस बच्चों के लिए था। किसी राइड पर लाइन नहीं थी और बच्चे सीधे चढ़ सकते थे। कुछ बच्चे अपनी पसंदीदा राइड्स पर गए, जैसे कैरोसल। कुछ अपने पसंदीदा किरदारों से मिले। मिस्टरबीस्ट मज़ाक में कहते हैं कि कुछ बच्चे बस टीम के सदस्य तारिक की हालत ख़राब होते देखना चाहते थे। बच्चे "करो! करो!" चिल्लाते रहे और तारिक को एक राइड पर बैठाया गया। इसी दौरान टीम का एक सदस्य कबूल करता है कि उसे रोलरकोस्टर्स से नफ़रत है।

ये ख्वाहिशें इलाज के लिए क्यों ज़रूरी हैं

वीडियो में एक हिस्सा हॉस्पिटल में फ़िल्माया गया है। वहाँ मिस्टरबीस्ट पूछते हैं कि ये ख्वाहिशें इतनी ज़रूरी क्यों हैं। जवाब में बताया जाता है कि ख्वाहिश पूरी होना इलाज का अहम हिस्सा होता है। इससे बच्चों को ऐसी याद मिलती है जो मुश्किल इलाज के दौरान आगे बढ़ने की हिम्मत देती है। यह भी कहा जाता है कि इसका फ़ायदा सिर्फ़ बच्चों को नहीं, उनके परिवारों को भी मिलता है। मिस्टरबीस्ट कहते हैं कि इसी वजह से वे यह वीडियो बना रहे हैं।

दुनिया भर में अलग-अलग ख्वाहिशें

इसके बाद वीडियो कई जगहों की छोटी-छोटी कहानियाँ दिखाता है:

  • एडिसन व्हेल शार्क के साथ तैरना चाहती थी। वीडियो में इन्हें दुनिया की सबसे बड़ी मछलियाँ बताया गया है। परिवार की ओर से कहा जाता है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि यह सच में हो रहा है, और ख़ुशी है कि ख्वाहिश पूरी हो पाई।
  • लंदन में डेज़ी को थिएटर बहुत पसंद है। इसलिए उनके लिए ख़ास वीआईपी ट्रीटमेंट और एक छोटा तोहफ़ा रखा गया।
  • ब्लू ओरिजिन और स्पेसएक्स के साथ एक "मिशन" में बच्चों ने लॉन्च से पहले असली फाल्कन नाइन रॉकेट पर साइन किया।
  • हैरी और ब्रायंट को अपना एफ़वन का सपना जीने का मौका मिला। वहाँ गाड़ियों की आवाज़ से ज़मीन तक काँपती महसूस हुई।
  • पेरिस में चार बच्चों ने मिस्टरबीस्ट चैलेंज में मुकाबला किया और मिस्टरबीस्ट का लोगो पेंट किया। मिस्टरबीस्ट कहते हैं कि वह पेंटिंग अब उनकी दीवार पर लगी है। इस पर टीम के सदस्य मज़ाक में पूछते हैं कि उनकी पेंटिंग का क्या हुआ।

लेब्रॉन जेम्स के साथ मुलाकात

कुछ बच्चे बस मिस्टरबीस्ट से मिलना चाहते थे, लेकिन वे कहते हैं कि वे "अपने से भी लंबा कोई" साथ ले आए। बच्चे बास्केटबॉल के फैन थे, इसलिए उनकी मुलाकात लेब्रॉन जेम्स से करवाई गई। मिस्टरबीस्ट उन्हें "अब तक का सबसे महान बास्केटबॉल प्लेयर" कहते हैं। बच्चों की प्रतिक्रिया थी, "मैं सच में फटने वाला हूँ! अभी मुझसे संभल नहीं रहा!" और "मुझे लगा था ये सपना है।" बच्चों के कहने पर लेब्रॉन ने एक शॉट भी लगाया।

फिर लेब्रॉन ने बच्चों को अपनी फाउंडेशन के "हाउस थ्री थर्टी" की चाबियाँ सौंपीं। यह पास में ही है और बच्चों को वहाँ एक ख़ास अनुभव मिलना था। वीडियो के मुताबिक़ यह जगह एक कम्युनिटी सेंटर भी है, जहाँ गेम्स और खाना दोनों मिलते हैं। एक ब्राउनी पर मिस्टरबीस्ट का मन आ जाता है। वीडियो बताता है कि लेब्रॉन की फाउंडेशन अक्रोन में लोगों को जोड़ने और परिवारों को मज़बूत बनाने का काम करती है। वहाँ लेब्रॉन का बेडरूम भी दिखाया गया, जिस पर टीम मज़ाक में कहती है कि वे जगह का पूरा ख़्याल रख रहे हैं। इसी दौरान बच्चों को स्पीड का वीडियो कॉल भी आता है।

मॉल, थीम पार्क और बिना सीमा की शॉपिंग

अगले बच्चों को मिस्टरबीस्ट दुनिया के सबसे बड़े मॉल्स में से एक में ले गए और कहा कि पूरा दिन वह जगह उनकी है। अपनी वजह बताते हुए वे कहते हैं कि कैंसर के इलाज के कारण इनमें से कई बच्चे ज़्यादा कुछ देख या कर नहीं पाए थे, इसलिए उन्होंने ऐसी जगह खाली करवाई जहाँ "सच में सब कुछ है।"

थीम पार्क में तारिक और नोलन को एक राइड पर भेजा गया। जगह ख़त्म होने पर तारिक को एला नाम की एक बच्ची के साथ बैठना पड़ा और वे डरते दिखे। मिस्टरबीस्ट कहते हैं कि तारिक को डरते देखना अकेला सरप्राइज़ नहीं था। उन्होंने बच्चों से कहा कि पीछे वाले स्टोर में जो कुछ है, सब उनकी तरफ़ से फ़्री है। एक कैंडी शॉप में भी सारी कैंडी फ़्री कर दी गई। टीम के एक सदस्य ने मज़ाक किया कि मज़ा इसी बात का है कि बिल जिमी के क्रेडिट कार्ड पर जाएगा।

बच्चे अपनी कार्ट्स में इतना सामान भरने लगे कि मिस्टरबीस्ट को मदद के लिए दोस्तों को बुलाना पड़ा। बजट पूछने पर जवाब मिला, "कोई लिमिट नहीं।" सैंटियागो नाम के बच्चे के लिए इतना सामान उठाया गया कि आख़िर में कहा गया, "सैंटियागो ने पूरा स्टोर ही ले लिया।"

जो बच्चे कैमरे पर नहीं आना चाहते

मिस्टरबीस्ट यहाँ एक बात साफ़ करते हैं: अगर कोई बच्चा वीडियो में नहीं आना चाहता, तो उसे आने की ज़रूरत नहीं है, और उसकी ख्वाहिश फिर भी पूरी की जाती है। एक ऐसे बच्चे का उदाहरण भी दिखाया गया।

हॉस्पिटल वाले हिस्से में मिस्टरबीस्ट पूछते हैं कि घर से देख रहे लोग कैंसर से जूझ रहे किसी जानने वाले की मदद कैसे कर सकते हैं। जवाब में तीन सुझाव मिलते हैं: लोकल हॉस्पिटल में वॉलंटियर बनना, इलाज करा रहे बच्चों को कहानियाँ पढ़कर सुनाना, और अगर कोई दोस्त या जानने वाला कैंसर के इलाज के लिए हॉस्पिटल में है और आप उससे नहीं मिले, तो "बस जाकर मिलो।" जवाब देने वाले का यकीन है कि उस व्यक्ति के लिए यह बहुत बड़ी बात होगी। इसी दौरान मिस्टरबीस्ट हॉस्पिटल के कुछ बच्चों से मिलते हैं और एक बच्चे को मॉनिटर और ब्रैंड-न्यू आईबाइपावर गेमिंग पीसी देते हैं।

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स्टीलर्स के मैदान पर जेरेमिया का टचडाउन

अगली ख्वाहिश जेरेमिया की थी, जिसका हमेशा से सपना स्टीलर्स के लिए खेलना रहा है। टीम उसे स्टीलर्स की फैसिलिटी ले गई, जहाँ उसने मैदान पर दौड़कर टचडाउन किया और सबने उसका जश्न मनाया।

परिवार के एक सदस्य ने बताया कि सर्जरी के बाद जेरेमिया कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स नहीं खेल सकता। उनके मुताबिक़ यह अनुभव उसे हिम्मत देता है कि जो कुछ उसके साथ हुआ, वह उसे रोक न पाए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लग रहा है जैसे वे वह सपना पूरा होते देख रहे हैं, "जिसे जीने का मौका उसे कभी मिला ही नहीं।"

पसंदीदा यूट्यूबर्स, सितारे और निजी ख्वाहिशें

मिस्टरबीस्ट कहते हैं कि इन बच्चों से उनका बचपन छिन गया, इसलिए उन्होंने उनके पसंदीदा यूट्यूबर्स को बुलाया ताकि सब साथ खेल सकें। इस हिस्से में कई मुलाकातें और तोहफ़े दिखाए गए:

  • एक बच्चे को लॉरेंज़साइड से मिलवाया गया।
  • दो बच्चों को केएसआई से मिलवाया गया। फिर उन्हें टॉय स्टोर में मिस्टरबीस्ट के क्रेडिट कार्ड से जितना चाहें ख़रीदने दिया गया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने करीब पाँच पीएसफाइव ले लिए, "हर रूम के लिए एक।"
  • स्ट्रे किड्स ने एज्रा को मीट-एंड-ग्रीट का सरप्राइज़ दिया, और एज्रा ने उन्हें लाइव परफ़ॉर्म करते भी देखा।
  • ब्रुक ने अवॉर्ड-विनिंग शेफ़ क्रिस्टिना टोसी के साथ खाना बनाया और मेन्यू के लिए अपना डेज़र्ट भी तैयार किया।
  • शेल्बी ने सैम और कोल्बी के साथ वेगास का हॉन्टेड म्यूज़ियम घूमा। शेल्बी ने बताया कि कोल्बी को भी कैंसर हुआ था, इसलिए उन्हें लगता है कि वे उसकी बात समझ सकती हैं।
  • जोशुआ को वह लेज़र इंग्रेवर मिला जिसका वह लंबे समय से सपना देख रहा था। उनके अनुसार यह सोच से भी बेहतर निकला।
  • आलिया ने एप्पल प्रॉडक्ट्स माँगे थे, और उन्हें वही दिए गए।

कुछ ख्वाहिशों के लिए टीम मिस्टरबीस्ट वीडियोज़ का अनुभव ख़ुद बच्चों तक ले गई। एक पूरे कमरे में उनके वीडियोज़ के मिनी वर्ज़न्स बनाए गए, जिनमें बच्चों ने चुनौतियाँ खेलीं। एक चुनौती में यह देखना था कि हवा साथ देती है या नहीं और नाव आईलैंड तक पहुँचती है या नहीं। अंत में बच्चे को ब्रैंड-न्यू एक्सबॉक्स दिया गया।

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हवाई, मोआना और प्रीमियर पर सरप्राइज़

अगली ख्वाहिश के लिए डिज़्नी के साथ मिलकर तीन बच्चों को हवाई भेजा गया, जहाँ उन्होंने डिज़्नी के औलानी रिज़ॉर्ट में एक हफ़्ता बिताया। स्वागत के समय एक बच्ची ने ख़ुद "अलोहा, हवाई में वेलकम" बोलने की ज़िद की। बच्चों ने मिकी और उसके दोस्तों से मुलाकात की, समंदर में तैराकी की और हेलीकॉप्टर से पूरे आइलैंड की सैर की।

बच्चे मोआना के बड़े फैन थे, इसलिए डिज़्नी ने उन्हें मोआना के सितारों के साथ एक पार्टी में बुलाया, जहाँ उन्होंने मुलाकात की और कई तस्वीरें लीं। मिस्टरबीस्ट इस ख्वाहिश को और ख़ास बनाना चाहते थे, इसलिए वे मोआना के प्रीमियर पर पहुँचे। बच्चे लिमो में थे और उन्हें पता नहीं था कि मिस्टरबीस्ट वहाँ हैं। मिलने के बाद वे बच्चों को फ़िल्म दिखाने ले गए। एक बच्चे ने कहा कि अनुभव "जैसा सोचा था, उससे भी बेहतर" है। मिस्टरबीस्ट ने फ़िल्म पहले दिखाने के लिए डिज़्नी का शुक्रिया अदा किया और कहा कि जब तक दर्शक यह वीडियो देखेंगे, फ़िल्म रिलीज़ हो चुकी होगी।

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एमैनुएल से मुलाकात और गिव किड्स द वर्ल्ड

अगली ख्वाहिश के लिए मिस्टरबीस्ट ने डिज़्नी की मदद ली, जिसे वे "दुनिया की सबसे बड़ी विश-ग्रांटिंग कंपनी" कहते हैं। एमैनुएल चैनल का बहुत बड़ा फैन था। मिस्टरबीस्ट को सामने देखकर एमैनुएल इतना भावुक हुआ कि मिस्टरबीस्ट ने कहा, "तुम तो मुझे भी रुला दोगे।"

वीडियो बताता है कि ऐसी ख्वाहिशें डिज़्नी की विश-ग्रांटिंग ऑर्गनाइज़ेशंस और गिव किड्स द वर्ल्ड रोज़ पूरी करते हैं। गिव किड्स द वर्ल्ड को एक नॉन-प्रॉफ़िट के रूप में पेश किया गया है, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों को एक हफ़्ते की पूरी तरह मुफ़्त छुट्टी देता है ताकि वे साथ में यादें बना सकें।

इसी से जुड़ी एक अपील में मिस्टरबीस्ट डिज़्नी वर्ल्ड के कैसल के ऊपर बने सिंड्रेला कैसल सुइट से बात करते हैं। उनके मुताबिक़ ऐसा कमरा दुनिया में सिर्फ़ एक है और इसे पैसे देकर बुक नहीं किया जा सकता। लेकिन गिव किड्स द वर्ल्ड को दस डॉलर्स डोनेट करने पर दर्शकों को वहाँ एक रात बिताने का मौका मिल सकता है। वे कहते हैं कि यह संस्था ज़िंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहे बच्चों को आगे बढ़ने की उम्मीद और ख़ुशी देती है, और "हमें इस काम में उनका साथ देना चाहिए।"

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गुमनाम रहकर माँगी गई सबसे बड़ी ख्वाहिश: ब्लड ड्राइव

मिस्टरबीस्ट के अनुसार, दुनिया भर में ख्वाहिशें पूरी करने के बाद "सबसे बड़ी ख्वाहिश" उस बच्चे की थी जिसने ख़ुद गुमनाम रहकर टीम से बाकी कैंसर मरीज़ों की मदद करने को कहा। इसी वजह से टीम ने एक बड़ा ब्लड ड्राइव आयोजित किया।

वहाँ समझाया गया कि ज़रूरतमंद मरीज़ों के लिए ब्लड, रेड ब्लड सेल्स और व्हाइट ब्लड सेल्स डोनेट किए जा रहे हैं। जान कैसे बचती है, इस सवाल पर बताया गया कि कैंसर के इलाज में कभी-कभी ब्लड सेल्स कम हो जाते हैं और शरीर को नए ब्लड की ज़रूरत पड़ती है। वीडियो में बताया गया कि दुनिया भर में हर साल चार लाख बच्चों को कैंसर होता है, और इस पर ज़ोर दिया गया कि यह "चार लाख लोग नहीं, चार लाख बच्चे" हैं। एक व्यक्ति कहता है कि कैंसर से किसी बच्चे की जान नहीं जानी चाहिए और ब्लड की बहुत ज़रूरत है।

वीडियो के अनुसार, ब्लड डोनेट करने के योग्य वयस्कों में से सिर्फ़ दो से तीन प्रतिशत लोग ही डोनेट करते हैं। टीम बताती है कि इस ड्राइव में इतना ब्लड जुटा कि एक हज़ार जानें बचाई जा सकें। वहाँ एक व्यक्ति ने कहा कि अगर आप पैसे डोनेट नहीं कर सकते, तो ब्लड डोनेट करना भी बहुत बड़ा काम है। मिस्टरबीस्ट को यह बात पसंद आई: "पैसे नहीं दे सकते, तो ब्लड दे सकते हो।" एक बच्चे से उन्होंने मज़ाक में कहा कि उसके डैड ने ब्लड डोनेट किया है, इसलिए अगले एक हफ़्ते तक उनसे अच्छे से पेश आना।

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रिसर्च, वॉलंटियर्स और कैंसर से बचे लोगों की बातें

वीडियो बताता है कि दुनिया भर में हर साल एक लाख पाँच हज़ार से ज़्यादा बच्चे कैंसर से अपनी जान गँवा देते हैं। लेकिन मिस्टरबीस्ट के अनुसार, बचाई गई हर जान के पीछे डॉक्टर्स, रिसर्चर्स और सेंट बाल्ड्रिक्स जैसी संस्थाओं के वॉलंटियर्स की "पूरी सेना" होती है। वहाँ लोग कैंसर से लड़ रहे बच्चों के साथ खड़े होने के लिए अपने सिर मुंडवाते हैं। एक व्यक्ति उनसे कहता है कि जब वह ल्यूकेमिया से लड़ रहा था, तो उन्होंने उसे बहुत हिम्मत दी।

वीडियो में एमजेन जैसी कंपनियों का भी ज़िक्र है, जिन्हें कैंसर के इलाज की नई पीढ़ी तैयार करने वाली कंपनियाँ बताया गया है। एक व्यक्ति कहता है कि बेसिक रिसर्च उसे इस बात की उम्मीद देती है कि बच्चों को ढाई साल तक ज़हरीला इलाज न सहना पड़े। स्टैंड अप टू कैंसर जैसी संस्थाओं का भी ज़िक्र है, जो वीडियो के अनुसार हर दिन इस हालात को बदलने का काम कर रही हैं।

एक व्यक्ति अपना अनुभव बताता है कि उसे इक्कीस साल की उम्र में कैंसर हुआ था। उसके मुताबिक़ रिसर्च और नई खोजों की मदद से उसे इलाज के दूसरे विकल्प मिले, और अब वह पाँच साल से कैंसर-फ़्री है।

साठ लाख डॉलर्स का दान और आगे का सवाल

अंत में मिस्टरबीस्ट कहते हैं कि दर्शकों ने उन्हें सौ बच्चों की ख्वाहिशें पूरी करते देखा, लेकिन सब मानेंगे कि इन बच्चों की सबसे बड़ी ख्वाहिश यही होगी कि उन्हें कैंसर से लड़ना ही न पड़े। उनके अनुसार स्टैंड अप टू कैंसर एक "ड्रीम टीम" बनाकर और पैसे जुटाकर यही करने की कोशिश कर रहा है। मक़सद दुनिया के सबसे बेहतरीन कैंसर रिसर्च विशेषज्ञों को एक साथ लाना है, ताकि बच्चों के कैंसर को ख़त्म किया जा सके। मिस्टरबीस्ट कहते हैं कि वे इसी मिशन में साथ देना चाहते हैं।

इसके बाद वे घोषणा करते हैं कि वे, एमजेन और सेंट बाल्ड्रिक्स मिलकर ड्रीम टीम की शुरुआत के लिए साठ लाख डॉलर्स डोनेट करने वाले हैं। उनका कहना है कि यह राशि बहुत से बच्चों की ज़िंदगी बदलेगी। साथ ही वे मानते हैं कि बच्चों के कैंसर को ख़त्म करने के लिए साठ लाख डॉलर्स से कहीं ज़्यादा पैसों की ज़रूरत होगी। वीडियो का अंत इस अपील पर होता है कि किसी भी बच्चे को कैंसर नहीं होना चाहिए, उम्मीद है इस दान से कुछ मदद मिले, और दर्शक मिलकर इस राशि को दोगुना करें ताकि और ज़िंदगियाँ बच सकें।